इंजन-रहित जहाज ‘कौण्डिन्य’,ओमान रवाना

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(नई दिल्ली)30दिसंबर,2025.

नौसेना का इंजन रहित पारंपरिक समुद्री जहाज आईएनएसवी कौण्डिन्य सोमवार को अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए रवाना हुआ। ओमान रवाना हुआ जहाज आईएनएसवी कौंडिन्य पारंपरिक सिलाई विधि का इस्तेमाल करके बनाया गया है। यह पांचवीं शताब्दी के एक जहाज की तर्ज पर बनाया गया है और प्राचीन अजंता गुफाओं के एक चित्र से प्रेरणा लेकर इसे बनाने का विचार आया था।

पौराणिक नाविक कौंडिन्य के नाम पर है ये जहाज:
इस जहाज का नाम पौराणिक नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है। कौंडिन्य के बारे में माना जाता है कि उन्होंने प्राचीन काल में भारत से दक्षिण पूर्व एशिया तक की यात्रा की थी। यह जहाज समुद्र तट वाले देश के रूप में भारत की ऐतिहासिक भूमिका का प्रतीक है। कौण्डिन्य अरब सागर पार करते हुए लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तय कर मस्कट पहुंचेगा। यह यात्रा प्राचीन समुद्री व्यापारिक मार्गों को फिर से जीवंत करेगी। मस्कट में कौण्डिन्य का आगमन सदियों से चली आ रही मैत्री, विश्वास और सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जाएगा।

भारतीय नौसेना ने 21 मई को कारवार नौसेना अड्डे पर आयोजित एक समारोह में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में इस जहाज को औपचारिक रूप से कमीशन किया और इसका नाम भारतीय नौसेना नौकायन पोत (आईएएसवी) कौंडिन्य रखा। यह जहाज सोमवार को गुजरात के पोरबंदर से ओमान के लिए अपनी पहली समुद्री यात्रा पर रवाना हुआ।

जहाज पर 17 सदस्यीय दल सवार
नौसेना ने बताया, यह जहाज उन प्राचीन समुद्री मार्गों से होकर जाएगा, जो कभी भारत के पश्चिमी तट को ओमान से जोड़ते थे। इससे हिंद महासागर में व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निरंतर सभ्यतागत संबंध सुगम होते थे। यह जहाज पांचवीं शताब्दी ईस्वी के एक जहाज की तर्ज पर बनाया गया है और अजंता गुफाओं के एक चित्र से प्रेरित है। कौण्डिन्य लगभग 19.6 मीटर लंबा और 6.5 मीटर चौड़ा है। इस पर 17 सदस्यीय दल सवार है, जिसमें 4 अधिकारी और 13 नौसैनिक शामिल हैं। जहाज की कमान कमांडर विकास शेरोन संभालेंगे, जबकि कमांडर वाई हेमंत कुमार इस अभियान के मुखिया होंगे।

मास्टर शिपराइट बाबू शंकरन ने बनाया:
कौण्डिन्य का निर्माण सितंबर 2023 में मास्टर शिपराइट बाबू शंकरन के नेतृत्व में कुशल कारीगरों की एक टीम ने पारंपरिक सिलाई विधि का उपयोग करके शुरू किया था। कई महीनों तक, टीम ने जहाज के ढांचे पर लकड़ी की तख्तियों को नारियल की रेशमी रस्सी, नारियल के रेशे और प्राकृतिक रेजिन का उपयोग करके मेहनत से जोड़ा। जहाज को फरवरी 2025 में गोवा के होडी शिपयार्ड में लॉन्च किया गया।

पीएम मोदी ने दीं शुभकामनाएं:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, यह देखकर बेहद खुशी हुई कि आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से मस्कट, ओमान के लिए अपनी पहली यात्रा पर निकल रहा है…खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित करते हुए, चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं।(साभार एजेंसी

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