विशेष अंदाज में आएगा प्राथमिक स्कूलों का रिजल्ट

National

(हरियाणा,चंडीगढ़)26मार्च,2026.

हरियाणा राज्य के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 1अप्रैल का दिन इस बार खास होगा।शिक्षा निदेशालय के आदेश के मुताबिक एक अप्रैल को इस बार नए अंदाज में बालवाटिका-3 से कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (मेगा-पीटीएम) होगी। स्कूलों में 16 से 25 मार्च तक वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। आमतौर पर इसके बाद रिजल्ट की औपचारिकता पूरी कर दी जाती थी लेकिन इस बार सरकार ने इसे एक संवाद के अवसर में बदलने का फैसला किया है। अब रिजल्ट सिर्फ नंबर नहीं बताएगा बल्कि इस मेगा पीटीएम में बच्चे के पूरे विकास की तस्वीर सामने रखी जाएगी।

इस बार अभिभावकों को समग्र प्रगति कार्ड (एचपीसी) दिखाया जाएगा। इसका मतलब है कि बच्चा पढ़ाई में कैसा है, व्यवहार कैसा है, उसकी समझ, भागीदारी और कौशल कितने मजबूत हैं। यानी रिपोर्ट कार्ड अब सिर्फ पास-फेल नहीं बल्कि यह बताएगा कि बच्चा कितना सीख रहा है।

निपुण हरियाणा का ये है लक्ष्य:
बैठक में अभिभावकों को यह भी समझाया जाएगा कि अगली कक्षा में बच्चे को क्या-क्या सीखना जरूरी है। निपुण हरियाणा के तहत बच्चों की बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणित की क्षमता पर खास जोर दिया जा रहा है। इसका सीधा मकसद है कि बच्चा कमजोर न रह जाए बल्कि शुरुआत से ही मजबूत नींव बने।

अभिभावकों से फीडबैक लिया जाएगा:
इस पीटीएम की खास बात यह है कि अभिभावकों से भी फीडबैक लिया जाएगा। एचपीसी में अभिभावक अवलोकन भरवाया जाएगा यानी माता-पिता भी बताएंगे कि बच्चा घर पर कैसे सीख रहा है। यह एक तरह से स्कूल और घर के बीच की दूरी कम करने की कोशिश है।

उत्सव का माहौल रहेगा:
बैठक को सिर्फ गंभीर चर्चा तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रवेश उत्सव, खेल गतिविधियां और सामुदायिक भागीदारी को भी इसमें शामिल किया गया है। अब रिजल्ट डे उत्सव जैसा होगा जहां बच्चों का मनोबल बढ़ाया जाएगा। साथ ही अभिभावकों को मैं भी निपुण अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि वे भी बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय भूमिका निभाएं। वीडियो संदेश भी लिए जाएंगे जिससे इस पहल को और व्यापक बनाया जा सके।

अधिकारी करेंगे स्कूलों का दाैरा
1 अप्रैल को होने वाली मेगा पीटीएम को प्रभावी बनाने के लिए इस बार पूरी व्यवस्था को सख्त मॉनिटरिंग से जोड़ा गया है। इसकी तैयारियों को लेकर जिला और खंडस्तर के अधिकारी, क्लस्टर मुखिया, बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और एबीआरसी (सहायक ब्लॉक संसाधन समन्वयक) खुद स्कूलों का दौरा करेंगे और अभिभावकों से सीधे संवाद करेंगे। हर दौरे के बाद संबंधित अधिकारियों को गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी रिपोर्ट देनी होगी जो 30 मार्च को निपुण हरियाणा व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल मुखिया अपनी विस्तृत रिपोर्ट क्लस्टर स्तर पर भेजेंगे जबकि क्लस्टर मुखिया इसे ब्लॉक कार्यालय को भेजेंगे। इसके साथ ही एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित करने और एचपीसी (समग्र प्रगति कार्ड) भरने में शिक्षकों की सक्रिय भूमिका भी तय की गई है ताकि हर बच्चे के समग्र विकास की सही तस्वीर सामने आ सके।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *