(नई दिल्ली)24मई,2026.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को दुनिया की राजनीति में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। दक्षिण एशिया मामलों के जानकार माइकल कुगेलमैन ने इस दौरे को बेहद खास बताया है। उन्होंने कहा कि रुबियो का क्वाड बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आना यह साफ दिखाता है कि ट्रंप सरकार इस संगठन को लेकर गंभीर है और इसे आगे बढ़ाना चाहती है।
कुगेलमैन ने बातचीत में कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों के लिए यह एक बड़ा मौका है। बहुत दिनों के बाद मार्को रुबियो जैसा कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी भारत आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस साल के अंत में होने वाली बड़ी बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं।
भारत है सबसे जरूरी साथी- कुगेलमैन
कुगेलमैन के मुताबिक, मार्को रुबियो ने भारत को इस पूरे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और अमेरिका के साथ दोस्ती का सबसे मजबूत स्तंभ बताया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सरकार भारत को और ज्यादा मजबूत करने के लिए क्या नए कदम उठाती है।
5 साल में करीब 47000 अरब रुपये का बड़ा व्यापार
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अपनी टीम की तारीफ की। रुबियो ने बताया कि उनकी टीम की मेहनत से भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर यानी करीब 48000 अरब रुपये का सामान खरीदने के लिए तैयार हो गया है। इस सौदे के तहत मुख्य रूप से बिजली-ऊर्जा , तकनीक और खेती से जुड़ी चीजों पर काम किया जाएगा। रुबियो ने कहा कि यह टीम राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी जनता के लिए बेहतरीन काम कर रही है(साभार एजेंसी)
