(झज्जर,हरियाणा)26मई,2026.
हरियाणा राज्य में डिजिटल प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार तेजी से कार्य कर रही है।
परिवार पहचान पत्र के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ.सतीश खोला ने बताया कि हरियाणा में जल्द ही पीपीपी 2.0 तथा सरल 2.0 का नया और अत्याधुनिक संस्करण लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नागरिकों की आय सत्यापन से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत गांवों में ग्राम सभाओं और शहरों में वार्ड समितियों को आय सत्यापन से जुड़े मामलों के समाधान की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना और गलत आय विवरण से संबंधित विवादों को स्थानीय स्तर पर पारदर्शी तरीके से निपटाना है।
डॉ.खोला ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासनिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। उन्होंने जानकारी दी कि आधार कार्ड की तर्ज पर पीपीपी स्मार्ट कार्ड बनाने को लेकर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
प्रस्तावित स्मार्ट कार्ड में परिवार से संबंधित आवश्यक डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में नागरिकों को सुविधा मिलेगी। इससे सरकारी रिकॉर्ड भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित रहेंगे(साभार एजेंसी)
