(गुरुग्राम,हरियाणा)12जुलाई,2026.
न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम में ‘ टावर ऑफ जस्टिस ’ का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत शर्मा ने भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और न्यायपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान इस नई न्यायिक इमारत को देश की आधुनिक न्यायिक संरचना का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया।
टावर ऑफ जस्टिस में 56 कोर्ट:
टावर ऑफ जस्टिस में कुल 56 अत्याधुनिक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा न्यायिक सेवा केंद्र, आधुनिक सम्मेलन कक्ष, वादकारियों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र, महिला एवं पुरुष लॉक-अप, सर्वर रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, क्रेच तथा मातृ एवं शिशु देखभाल कक्ष जैसी कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
530 वाहनों की पार्किंग:
परिसर में अलग से एस्केलेटर ब्लॉक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, सीसीटीवी नेटवर्क, लैन सिस्टम तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है। इससे अदालतों में होने वाली कार्यवाही अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी। वाहन पार्किंग की दृष्टि से भी परिसर को बेहतर बनाया गया है। यहां 530 वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें 130 पार्किंग मुख्य भवन में और 400 मल्टीलेवल बेसमेंट पार्किंग में उपलब्ध हैं। अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक बार रूम, बार लाइब्रेरी, कैंटीन, सार्वजनिक भोजनालय, जजों के लिए अलग डाइनिंग एरिया, जिम, कॉपिंग एजेंसी और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं(साभार एजेंसी)
