(चंडीगढ़,हरियाणा)09जून,2026.
हरियाणा सरकार ने निवेश से जुड़े बड़े वादों को सिर्फ एक सप्ताह के भीतर जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। एक जून को गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश सरकार ने विभिन्न कंपनियों के साथ 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते (एमओयू) किए थे। अब इन समझौतों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का काम शुरू हो गया है।
पंचकूला में हुई सशक्त कार्यकारी समिति (ईईसी) की बैठक में सात बड़ी कंपनियों को सोहना, बावल, बरही और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी गई। इन कंपनियों द्वारा करीब 1,316 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे हरियाणा में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं को नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।
सबसे बड़ा निवेश ट्रोनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। कंपनी को सोहना में लगभग 13 एकड़ जमीन दी गई है जहां वह 790 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा ओरिएंट फैशन एक्सपोर्ट्स को 3 एकड़ जमीन दी गई है जहां 51.50 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
बावल में दो विदेशी निवेश वाली कंपनियों को भी मंजूरी मिली है। बोलहॉफ फास्टनिंग प्राइवेट लिमिटेड 116 करोड़ रुपये और मैककोर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 45 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वहीं बरही और धारूहेड़ा में पारस पॉलिमर्स, रिचाको एक्सपोर्ट्स और एक अन्य औद्योगिक इकाई को भी परियोजना शुरू करने की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और एचएसआईआईडीसी के सह अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि अब हरियाणा में औद्योगिक जमीन देने की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज है। बैठक में उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, उत्पाद शुल्क और कराधान विभाग की आयुक्त आशिमा बराड़ मौजूद रहीं(साभार एजेंसी)
