(चंडीगढ़,हरियाणा)05जुलाई,2026
हरियाणा में विदेशी निवेश अब केवल समझौतों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जमीन पर उतरकर उद्योगों और रोजगार का नया आधार बनता दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जापान दौरे के दौरान हुए निवेश समझौते अब उत्पादन इकाइयों में बदलने लगे हैं. सात जुलाई से इस प्रक्रिया का नया चरण शुरू होगा, जब जापान की अग्रणी ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माता कंपनी आइसिन कॉर्पोरेशन अपनी एक हजार करोड़ रुपए की परियोजना का शिलान्यास करेगी. इसके बाद नवंबर तक कम से कम चार प्रमुख जापानी कंपनियां निर्माण या उत्पादन के चरण में पहुंच जाएंगी।
12 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार:
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में जापानी कंपनियों के साथ हुए सात समझौतों के तहत 3,695 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला था. इनमें से 1,291 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है. इन परियोजनाओं से करीब 12,110 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है. सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश का औद्योगिक आधार मजबूत होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ऑटो सेक्टर से अनुसंधान तक बढ़ेगा औद्योगिक दायरा:
आइसिन कॉर्पोरेशन के अलावा डेंसो नवंबर 2026 तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है. नाम्बू कंपनी लिमिटेड ने झज्जर के रिलायंस मेट औद्योगिक क्षेत्र में जमीन खरीदकर प्लांट स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं डाइकिन हरियाणा में अपना वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करेगी, जहां नई तकनीकों के विकास और परीक्षण का कार्य होगा. इससे प्रदेश केवल विनिर्माण केंद्र ही नहीं, बल्कि तकनीकी अनुसंधान का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई पहचान
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार निवेशकों को सभी आवश्यक मंजूरियां समय पर उपलब्ध कराने, विभागों के बीच समन्वय बनाने और परियोजनाओं की नियमित निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. उनका कहना है कि मौजूदा गति बनी रही तो आने वाले महीनों में जापानी निवेश हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई पहचान देगा।(साभार एजेंसी)
