(नई दिल्ली)26जुलाई,2026
भारत और ब्रिटेन (UK) के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के व्यापार को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है. यह समझौता 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है. उद्योग संस्था ‘एसोचैम’ के एक नए अध्ययन के अनुसार, इस समझौते की मदद से भारत और यूके के बीच का आपसी व्यापार साल 2030 तक बढ़कर 115 अरब डॉलर (लगभग 9.6 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है. वर्तमान में यह व्यापार लगभग 58 अरब डॉलर का है.
युवाओं के लिए नौकरियों की बौछार
इस व्यापार समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारत के युवाओं को मिलने वाला है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ सालों में भारत में 7 से 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. ये नौकरियां मुख्य रूप से उन उद्योगों में मिलेंगी जहां ज्यादा मजदूरों की जरूरत होती है. इससे देश के युवाओं को बड़े पैमाने पर काम मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी.
इन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
इस समझौते से भारत के कई प्रमुख उद्योगों को सीधा फायदा होने जा रहा है. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
कपड़ा और चमड़ा उद्योग: भारतीय कपड़ों और जूतों की मांग यूके के बाजारों में तेजी से बढ़ेगी.
इंजीनियरिंग सामान: छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे नए कारखाने खुलेंगे.
दवाइयां और गाड़ियां: भारतीय दवाओं और ऑटो पार्ट्स का निर्यात आसान हो जाएगा.
डिजिटल व्यापार: व्यापार के नियम और कस्टम ड्यूटी से जुड़े काम आसान होने से समय की भारी बचत होगी.
भारतीय कंपनियों के सामने क्या हैं चुनौतियां?
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा का कहना है कि इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए भारतीय कंपनियों को अपनी क्वालिटी में सुधार करना होगा. यूके के बाजारों में टिकने के लिए भारतीय सामानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों, शुद्धता के नियमों और पर्यावरण के अनुकूल कसौटियों पर खरा उतरना होगा. इसके लिए सरकार को भी देश की सड़कों, बंदरगाहों और सप्लाई चेन को और बेहतर बनाना होगा.
वैश्विक मंदी और आर्थिक उतार-चढ़ाव के इस दौर में, भारत और यूके का यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित होगा(साभर एजेंसी)
