(जयपुर,राजस्थान)26जुलाई,2026
करगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह देश के वीर सैनिकों, शहीदों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि राष्ट्र सदैव अपने वीर जवानों के शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान का ऋणी रहेगा. उन्होंने सैनिकों के कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं, भूमि आवंटन, सरकारी नौकरियों तथा पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान समेत सरकार की विभिन्न पहल और उपलब्धियों के बारे में बताया.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र अपने वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा. सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है. प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है. उन्होंने पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं तथा उनके परिजनों का सम्मान किया. सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट मौजूद रहे.
“अपनी नैतिक जिम्मेदारी माना :मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए सैनिक कल्याण विभाग को और अधिक सशक्त बनाया है, ताकि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों तक सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके. युद्ध में बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं के आश्रितों तथा शौर्य पदक प्राप्त सैनिकों को 25-25 बीघा भूमि आवंटित की गई. बलिदानी सैनिकों के 54 आश्रितों तथा वीर सैनिकों के 47 आश्रितों को राज्य सेवा में अवसर दिया जाएगा।
सीएम ने सैनिकों का किया सम्मान:
418 जिलास्तरीय शिविर: भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए जिला स्तर पर 418 शिविर लगाए गए. इनमें 1,228 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े प्रत्येक कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. हमारे सैनिक वे राष्ट्रभक्त हैं जिन्होंने अपना जीवन देश की सुरक्षा को समर्पित किया. आज देशवासी अपने घरों में सुरक्षित और निश्चिंत होकर रह पाते हैं तो इसके पीछे सीमाओं पर दिन-रात मुस्तैदी से डटे जवानों का त्याग और समर्पण है. सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है(साभार एजेंसी)
