(लखनऊ,UP)06अगस्त,2026
यूपी विधानसभा ने स्टांप एवं पंजीयन विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। विधेयक के तहत रजिस्ट्री कार्यालय में संपत्ति के मालिकाना हक की भी जांच होगी। दूसरे विधेयक में दान की संपत्ति के निबंधन शुल्क को सर्किल रेट से जोड़ने का प्रावधान है। अब तक विभाग केवल संपत्ति के मूल्य, सर्किल रेट और राजस्व पहलुओं की जांच करता था। संपत्ति के मालिक की पड़ताल खरीदार की जिम्मेदारी मानी जाती थी। इसी का फायदा उठाकर एक ही संपत्ति को कई लोगों को बेचने के मामले सामने आते थे। नए प्रावधानों से फर्जी दस्तावेज के सहारे संपत्ति बेचने पर रोक लगेगी।
विधेयक केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, क्योंकि इसमें केंद्रीय कानून में संशोधन का प्रावधान है। मंजूरी के बाद प्रदेश में इसके क्रियान्वयन के लिए शासनादेश जारी होगा। रजिस्ट्री के समय संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। रजिस्ट्री, खसरा-खतौनी, नामांतरण और हस्तांतरण अधिकार जैसे अभिलेखों की जांच की जाएगी। यदि दस्तावेज से विक्रेता का मालिकाना हक स्पष्ट नहीं होता है, तो उप निबंधक को रजिस्ट्री रोकने का अधिकार मिलेगा।(साभार एजेंसी)
