(नई दिल्ली)04नवंबर,2026
दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी की हवा बेहद जहरीली दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह 7:41 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 605 के रिकॉर्ड और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शहर के ज्यादातर हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता रेड जोन से भी ऊपर चली गई है। इंडिया गेट पर AQI 414, गाजीपुर में 410 और धौला कुआं में 417 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा पंजाबी बाग में 452, आईटीओ में 418 और आरके पुरम में 423 AQI रिकॉर्ड किया गया है।
चांदनी चौक (369), आईजीआई एयरपोर्ट टी3 (358), लोधी रोड (304) और वसुंधरा एन्क्लेव (328) जैसे क्षेत्रों में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं आनंद विहार में AQI 300 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आता है।
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर पुलिस की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत वाहनों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध और नियमों की सख्ती से जांच की जा रही है। ये पाबंदियां ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) के प्रावधानों के तहत लागू की गई हैं ताकि प्रदूषण के स्तर को और बढ़ने से रोका जा सके।
इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को हालात पर बयान देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का वायु गुणवत्ता पैनल मौसम की हर गतिविधि जैसे हवा की दिशा, गति और आवाजाही पर पैनी नजर रखे हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने यह भी दावा किया कि पिछले वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार करीब 40 प्रतिशत धान की पराली का सदुपयोग एक्स-सीटू प्रबंधन के जरिए किया गया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।(साभार एजेंसी)
