योगी सरकार ने गांव-गांव तक पहुंचाया स्वच्छ जल

Uttar Pradesh

(लखनऊ UP)26मई,2025.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई ‘हर घर नल योजना’ ने बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में पहुंचा स्वच्छ पेयजल अब न सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बना रहा है, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सोच में भी बड़ा बदलाव ला रहा है. इसकी पुष्टि अब एक वैज्ञानिक अध्ययन ने भी कर दी है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय के आग्रह पर यह अध्ययन किया। टीम ने बुंदेलखंड के सातों जनपदों – बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, झांसी, जालौन, महोबा और ललितपुर के 10-10 गांवों में सर्वे कर लोगों की राय जानी।महिलाओं, युवाओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों से बात कर यह जाना गया कि हर घर नल योजना ने उनके जीवन में क्या बदलाव लाया।

स्वास्थ्य में सुधार और शिक्षा में बढ़ी रुचि:
रिपोर्ट के मुताबिक, घर-घर जल पहुंचने से जल जनित बीमारियां कम हुईं, खासकर पेट दर्द, दस्त, और पाचन संबंधी समस्याएं। गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को आराम मिला. इलाज पर होने वाला खर्च कम हुआ, जिससे परिवार की बचत बढ़ी।विद्यालयों में जल सुविधा मिलने से बालिकाओं का नामांकन बढ़ा और ड्रॉपआउट की दर घटी। स्कूलों में टंकी और शौचालय की सुविधाएं बेहतर हुईं, जिससे लड़कियां पहले से अधिक संख्या में स्कूल जाने लगीं।

सामाजिक बदलाव और महिलाओं का सशक्तिकरण:
रिपोर्ट के अनुसार, शुद्ध जल की उपलब्धता से सामाजिक भेदभाव कम हुआ। जाति के आधार पर पानी को लेकर होने वाला विवाद अब खत्म हो गया।महिलाएं अब खेती, पशुपालन और छोटे-मोटे रोजगार में खुलकर भाग लेने लगी हैं। इससे न सिर्फ उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी बल्कि समाज में उनका सम्मान और सुरक्षा भी बढ़ा है।

रोजगार के नए अवसर:
गांवों में जल सुविधा बढ़ने से पलायन में कमी आई है. युवा अब अपने गांव में ही मुर्गी पालन, मछली पालन, डेयरी, दुकानदारी जैसे काम करने लगे हैं। मनरेगा में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। जल की उपलब्धता से पशुपालन आसान हुआ और कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई।

विश्वविद्यालय की सलाहें:
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने सुझाव दिया है कि जल के सदुपयोग और संरक्षण पर लोगों को जागरूक किया जाए। जल सहेलियों को प्रशिक्षित कर उनके माध्यम से गांव-गांव में जल संरक्षण की जानकारी दी जाए। पंचायत सदस्य, स्कूल चौकीदार और सामाजिक संगठनों को भी जल बचाने की मुहिम से जोड़ा जाए।

क्या है जल जीवन मिशन?
जल जीवन मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी। इसका उद्देश्य है कि हर घर को नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाए। उत्तर प्रदेश में इस मिशन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेजी से लागू किया। विशेष तौर पर पानी की कमी से जूझते बुंदेलखंड में यह योजना वरदान बनकर आई. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की रिपोर्ट से साफ है कि ‘हर घर जल’ योजना ने गांवों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है।(साभार एजेंसी)

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