“अक्षय तृतीया” पर बन रहे हैं “विशेष योग”

Uttar Pradesh

(देहरादून) 06मई,2024.

अक्षय तृतीया परशुराम जयंती
10 मई 2024 दिन शुक्रवार को अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती पर्व मनाया जाएगा।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्नीयै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के दिन से ही त्रेता युग का आरंभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन किए गए कार्यों से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। ‘न क्षय इति अक्षय’, यानि जिसका कभी क्षय न हो, वह अक्षय है।

धार्मिक मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के दिन से ही त्रेता युग का आरंभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन किए गए कार्यों से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। ‘न क्षय इति अक्षय’, यानि जिसका कभी क्षय न हो, वह अक्षय है।
अक्षय तृतीया पर कुछ विशेष योग बनने जा रहे हैं–रोहिणी नक्षत्र,सुकर्मा योग, रवि योग, गजकेसरी योग बनेंगे इसके अतिरिक्त चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रोहिणी नक्षत्र में एवं सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में तथा शनि महाराज अपनी स्वराशि कुंभ में होने से व अक्षय तृतीया को शुक्रवार पढ़ने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होंगे

आइए जानते हैं “अक्षय तृतीया” का महत्व
वैशाख माह भगवान विष्णु जी का सबसे प्रिय माह माना जाता है। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं। इसलिए दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय ( जिसका क्षय न हो) हो जाता है। इसलिए माना जाता है कि इस तिथि को किए गए कार्यों के परिणाम शुभ ही शुभ होते है। परंपरागत रूप से, दिवाली से पहले धनतेरस की तरह अक्षय तृतीया को भी विशेष पर्व मानते है चूंकि अक्षय का अर्थ शाश्वत होता है इसलिए लोग अपने जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए सोना, चांदी या घरेलू विद्युत उपकरण व वाहन आदि खरीदने के लिए शुभ मानते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्‍णु के छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्‍म हुआ था। परशुराम ने महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर जन्‍म लिया था। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है। इसदिन परशुरामजी की पूजा करने का भी विधान है

शुभ मुहूर्त:
अक्षय तृतीया तिथि प्रारंभ:
10 मई 2024 प्रातः 4:20 से 10/11 मई 2024 रात्रि 2:52 तक।
अभिजीत मुहूर्त रहेगा:
प्रातः 11:50 से दोपहर 12:44 तक।

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