सेटेलाइट फ्लाईओवर बनेगा वाईशेप,पीलीभीत बाईपास होगा फोरलेन,मुख्यमंत्री योगी ने दी मंजूरी

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)07अगस्त,2025.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के चार जनपदों बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर की विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सांसद, विधायक समेत जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी। मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कैंट से भाजपा विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव पर आधुनिक सेटेलाइट फ्लाईओवर को वाईशेप में बनाए जाने, पीलीभीत बाईपास को फोरलेन में बदले जाने को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री ने बहुप्रतीक्षित नाथ गलियारा योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। सुभाषनगर अंडरपास को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इससे शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने में सहूलियत होगी। पवन विहार कॉलोनी के पीछे हरूनगला से लेकर नागदेवता मंदिर तक नई सड़क का निर्माण होगा। यह मार्ग धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी और बेहतर बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश:
सीएम ने प्रत्येक विधायक से उनके क्षेत्रों की प्राथमिक समस्याओं और विकासात्मक ज़रूरतों पर सीधे संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना के प्रस्ताव से पहले जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श अनिवार्य है। भाजपा के नवाबगंज से विधायक डॉ. एमपी आर्य ने बताया कि विकास योजनाओं के प्रस्ताव पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में उन विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी समेत विकास विभाग के अफसरों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बरेली मंडल में इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को बेहतर करने की आवश्यकता वाले सभी कार्यों को विधायकों की अनुशंसा के आधार पर पहले चरण की कार्ययोजना में शामिल किया जाए। साथ ही, उन्होंने नगर विकास विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अनिवार्य रूप से लिया जाए।

योजना का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करें- सीएम:
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना ही हमारा लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उनका समयबद्ध और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के अनुभवों और क्षेत्रीय इनपुट्स को नीति निर्धारण का आधार बनाएं। शासन की मंशा हर योजना को ठोस परिणामों तक पहुंचाने की है। इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी, तकनीक का समुचित प्रभावी ढंगे से उपयोग करें। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।(साभार एजेंसी)

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