बाढ़ से हुआ नुकसान बताएगा सेटलाइट,शीघ्र होगा ट्रायल

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)27अगस्त,2025.

उत्तर प्रदेश में बाढ़ से नुकसान के आकलन में राजस्व कर्मियों की मनमानी खत्म होगी। इसका आकलन सेटेलाइट के माध्यम से होगा। इसरो की मदद से इसी मानसून सीजन में ट्रायल की तैयारी चल रही है। इस योजना के लाभ के दायरे में यूपी के करीब पौने तीन करोड़ से ज्यादा किसान आएंगे।

प्रदेश में हर साल करीब 43 जिले बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। इस वर्ष भी अब तक इन जिलों की 116 तहसीलों के 2600 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। 1594 गांवों की खेती प्रभावित है। अभी नुकसान का आकलन राजस्व कर्मी भौतिक रूप से करते हैं। इसमें प्राय: न सिर्फ देरी की, बल्कि गलत सर्वे की भी शिकायत आती है।

इस समस्या से निजात के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (आरएसएसी) की डाटा ऑब्जर्वेशन सेवाओं की मदद ली जाएगी। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में कृषि भूमि के 85 प्रतिशत गाटा संख्या के डाटा की ऑनलाइन मैपिंग हो चुकी है। इसलिए सेटेलाइट के माध्यम से सर्वे में कोई समस्या भी नहीं रह गई है।

सेटेलाइट किसी भी क्षेत्र में सप्ताह भर के अंतर पर दो बार कृषि भूमि के लाइव चित्र लेकर भेजेगा। अगर दोनों बार के डाटा में खेतों में जलभराव आएगा तो इसका मतलब है कि फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।यहां बता दें कि अगर किसी खेत में सप्ताह भर पानी भरा रहता है तो फसल की गुणवत्ता और मात्रा पर काफी असर पड़ता है(साभार एजेंसी)

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