(प्रयागराज,UP)27सितम्बर,2025.
भारत सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत देश में 100 सैनिक स्कूलों के संचालन का निर्णय लिया है। इनमें से एक स्कूल प्रयागराज के नवाबगंज में खुलेगा। पीपीपी मॉडल से संचालित होने वाला यह प्रयागराज का पहला और उत्तर प्रदेश का चौथा सैनिक स्कूल होगा। जनवरी-2026 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
दाखिला लेने वाले छात्रों को आवासीय पब्लिक स्कूलों की सुविधा मिलेगी। यह उपलब्धि नवाबगंज में प्रयागराज-लखनऊ राजमार्ग से लगे 10 एकड़ में स्थित ऐक्सेस इंटरनेशनल स्कूल को हासिल हुई है। स्कूल का संचालन सैनिक स्कूल सोसाइटी के मार्गदर्शन में होगा। सोसाइटी ने कक्षा छह व नौ में 80-80 सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी है। 60 फीसदी सीटों पर प्रवेश सोसाइटी की ओर से अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली परीक्षा के माध्यम से होंगे जबकि 40 फीसदी सीटाें पर मैनेजमेंट कोटा से दाखिले होंगे।
स्कूल के निदेशक योगेंद्र वैश्य ने बताया कि सैनिक स्कूल के संचालन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह की प्राथमिक निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दिसंबर-2024 में सैनिक स्कूल सोसाइटी, नई दिल्ली की एक टीम निरीक्षण करने विद्यालय आई थी। विद्यालय का प्रथम सत्र 2026-27 से प्रारंभ होगा। नए सैनिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम का पालन किया जाएगा।
डीआईओएस पीएन सिंह ने बताया कि पहले राजकीय या एडेड स्कूल को सैनिक स्कूल के रूप संचालित करने की योजना थी लेकिन मानक पूरे नहीं हो पा रहे थे। कई प्रयासों के बाद सफलता मिली है। संयुक्त शिक्षा निदेशक आरएन विश्वकर्मा ने कहा कि विद्यार्थियाें को यहां सेना जैसा माहौल मिलेगा और उनके लिए सेना में चयन के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानाचार्य अंजनी कुमार मिश्र ने सैनिक स्कूल के बुनियादी ढांचे की जानकारी दी। वहीं, स्कूल की अध्यक्ष नूपुर गुप्ता ने बताया कि न्यू सैनिक स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, रीडिंग रूम और डाइनिंग हॉल जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
स्कूल में घुड़सवारी क्लब और फायरिंग रेंज भी:
सैनिक स्कूल में शारीरिक विकास के लिए में रनिंग ट्रैक, क्रॉस कंट्री ट्रैक, इंडोर गेम्स, परेड, ग्राउंड बॉक्सिंग रिंग, फायरिंग रेंज, घुड़सवारी क्लब, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबाॅल, बास्केटबाॅल, स्विमिंग पूल आदि गेम शामिल होंगे। स्कूल में शारीरिक फिटनेस को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। विद्यार्थियों को अलग-अलग खेलों और व्यायाम में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। उन्हें पढ़ाई के अलावा शिल्प, संगीत, ध्यान और योग जैसी गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।(साभार एजेंसी)
