ग्रामसभा:गांव की सरकार चलाने का तरीका सीखेंगे बच्चे

National

(नई दिल्ली)31अक्टूबर,2025.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार स्कूली छात्रों और युवाओं में लीडरशिप विकसित करने के लिए कदम उठाने जा रही है। इसके लिए देश के गांवों में मॉडल ग्राम सभा का प्रयोग होगा। इसके पहले चरण में 1100 से ज्यादा स्कूलों में मॉडल ग्राम सभा बनेगी। इसमें स्कूली छात्रों को ग्राम सभा का काम सीखा कर मॉडल के रूप में संचालन करवाया जाएगा। इससे बच्चों को ग्राम सभा की जानकारी मिलेगी। साथ ही उनमें लीडरशिप भी विकसित होगी।

इसी क्रम में पंचायती राज मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) और जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से राजधानी दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में मॉडल यूथ ग्राम सभा पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रशिक्षण मॉड्यूल और एमवाईजीएस पोर्टल का भी विमोचन किया गया, जो युवाओं को जमीनी लोकतंत्र की भावना से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल और जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, जनजातीय कार्य मंत्रालय की विशेष कार्य अधिकारी रंजन चोपड़ा के अलावा पंचायती राज मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी, जवाहर नवोदय विद्यालय संगठन के आयुक्त राजेश लखानी,राष्ट्रीय जनजातीय छात्र समिति/ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के आयुक्त अजीत कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।

कार्यक्रम में पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा, विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए ऐसे युवा नेतृत्व का विकास आवश्यक है जो भारत के लोकतंत्र को समझे और सशक्त बनाए। उन्होंने कहा कि मॉडल यूथ ग्राम सभा छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नागरिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक प्रभावी मंच है। जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा, मॉडल यूथ ग्राम सभा पहल भागीदारी पर आधारित शिक्षा की एक नई दृष्टि को दर्शाती है जो युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के कार्यप्रणाली से जोड़ती है। यह पहल शिक्षा को लोकतांत्रिक भागीदारी से जोड़ती है और विद्यार्थियों को सुनने, निर्णय लेने और जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा, भारत की अनेक समस्याओं का समाधान उसकी ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायतों में निहित है, जो स्थानीय स्वशासन की नींव हैं। मॉडल यूथ ग्राम सभा विद्यार्थियों को जमीनी लोकतंत्र से जोड़ने और उन्हें उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और जवाबदेही का वास्तविक अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार कहा, यह पहल विद्यार्थियों को जमीनी लोकतंत्र और पंचायती राज संस्थाओं के कार्यप्रणाली को समझने का अवसर देगी। यह विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व कौशल, व्यवहारिक सीख, समुदाय सहभागिता और मानसिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी – जिससे वे आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। जनजातीय कार्य मंत्रालय की विशेष कार्य अधिकारी रंजन चोपड़ा ने कहा, इस पहल में जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी भारत के लोकतंत्र की समावेशी भावना को दर्शाती है और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की दृष्टि को मजबूत बनाती है।

क्या है मॉडल यूथ ग्राम सभा मॉडल:
केंद्रीय पंचायत राज विकास मंत्रालय, स्कूली शिक्षा और जनजाति मंत्रालय एक साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत देशभर में स्कूल शिक्षा के नवोदय और जनजाति विभाग के एकलव्य स्कूलों को पहले चरण में शामिल किया गया है। इसके बाद राज्य सरकारों को शामिल किया जाएगा। केंद्र सरकार राजस्थान और महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग के साथ पहले चरण में संयुक्त रूप से काम करेगी। अभी राजस्थान और महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग के तहत स्थानिक स्कूलों का चयन भी मॉडल ग्राम सभा के लिए किया गया है। मॉडल ग्राम सभा का सबसे ज्यादा फायदा बच्चों में लीडरशिप विकसित करने का होगा। मंत्रालय का कहना है कि,देश के स्कूलों में भी मॉडल ग्राम सभा का काम व्यापक पैमाने पर किया जाएगा। इसके तहत दीर्घकालिक योजना बनाई गई है। इसमें पहले जिलों के स्कूलों में ग्राम सभा संचालित होगी। इसके बाद इनमें स्पर्धा कर पुरस्कार दिए जाएंगे। यह चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर होगा(साभार एजेंसी)

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