दिल्ली हाट में “मास्टर क्रिएशन टू” का आयोजन

National

(नई दिल्ली)07दिसंबर,2025.

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय ने राष्ट्रीय राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में 1 से 15 दिसंबर 2025 तक “मास्टर क्रिएशन टू” आयोजित किया है जिसका उद्देश्य पूरे भारत के पद्मश्री, शिल्प गुरु, संत कबीर पुरस्कार और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित देश के सर्वश्रेष्ठ शिल्पकारों की कलात्मक उत्कृष्ट कृतियों का प्रदर्शन और इनसे लोगों को जोड़ना है।

वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने आज दिल्ली हाट में मास्टर क्रिएशन टू प्रदर्शनी का दौरा किया। हस्तशिल्प विकास आयुक्त श्रीमती अमृत राज और हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना ने उनका स्वागत किया।

श्रीमती नीलम शमी राव ने देश भर से प्रदर्शनी में भाग ले रहे दस्तकारों और बुनकरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी चुनौतियों और कल्याण के बारे में पूछा और उन्हें उद्यमिता कौशल विकसित करने तथा अपने आर्थिक कार्य व्यवहार में डिजिटल मीडिया के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया। श्रीमती राव ने महिला शिल्‍पकारों को सशक्त बनाने की उनकी पहल की सराहना की, जिससे महिला शिल्पकार अपने व्यवसाय को बढ़ाने और वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने के आवश्यक उपकरण और ज्ञान हासिल कर रही हैं।

प्रदर्शनी में ख्याति प्राप्त राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार विजेता, राष्ट्रीय योग्यता पुरस्कार विजेता और शिल्प गुरु भाग ले रहे हैं जो वस्त्र, धातु शिल्प, लकड़ी की नक्काशी, टेराकोटा, मिट्टी के बर्तन, आभूषण, प्राकृतिक रेशा शिल्प, चर्म शिल्प, पत्थर की नक्काशी सहित विविध शिल्प परंपराओं से जुड़े हैं। प्रदर्शनी में आने वालों को शिल्प कारीगरी अपने सामने देखने, उनसे जुड़ने और देश की शिल्प विरासत को जानने-समझने का अनूठा अवसर मिल रहा है। इस भव्य प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत की विविध हस्तशिल्प विरासत को बढ़ावा देना है, जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं, राष्ट्रीय योग्यता पुरस्कार विजेताओं, शिल्प गुरुओं और अत्यधिक कुशल कारीगरों की शिल्प कला प्रदर्शित की जा रही है। लोगों को निम्नलिखित प्रामाणिक शिल्प कला का अनुभव मिल रहा है:

वस्त्र
धातु, लकड़ी और पत्थर शिल्प
टेराकोटा और मिट्टी के बर्तन
प्राकृतिक फाइबर और बेंत-बांस शिल्प
पारंपरिक आभूषण
चमड़ा और लोक शिल्प
विभिन्न राज्यों के जीआई-टैग संबंधी उत्पाद

मास्टर क्रिएशन टू का प्रमुख आकर्षण लाइव क्राफ्ट प्रदर्शन है, जिससे लोग कारीगरों की हस्तशिल्प कला और बुनकरी सीधे देख पा रहे हैं और उनसे बातचीत कर रहे हैं। उन्हें प्रत्येक शिल्प तकनीकों, कौशल और इनके कला सृजन की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। इस पहल से वस्त्र, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की बाजार में पहुंच बढ़ाने, शिल्पकारों की आजीविका को बढ़ावा मिलने और शिल्‍पकला के प्रसार में काफी मदद मिलेगी।

इस आयोजन को और जीवंत बनाते हुए प्रदर्शनी के दौरान भारत के विविध कला रूपों के सांस्कृतिक प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इससे एक ही मंच पर शिल्प और संस्कृति का समृद्ध मिश्रण देखने को मिल रहा है।

यह पहल केंद्र सरकार द्वारा देश के विशिष्ट हस्तशिल्प पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित, संवर्धित और सशक्त बनाने के प्रयासों का प्रमाण है। इसमें शिल्पियों को ग्राहकों, खरीदारों और कला प्रेमियों से सीधे जोड़कर, बाज़ार से जुड़ाव प्रदान किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी शिल्प पर्यटन को बढ़ावा देकर हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़ी हज़ारों शिल्पियों को उनकी आजीविकाओं के लिए सहायक बनकर उन्हें सशक्त बना रही है। हस्तशिल्पियों को यह, ग्राहकों, डिज़ाइनरों, निर्यातकों और शिल्प प्रेमियों के सीधे संपर्क में लाने का महत्वपूर्ण मंच बना है।

आयोजकों ने मास्टर क्रिएशन टू में मीडिया, खरीददारों, कला प्रेमियों और आम लोगों को बड़ी संख्या में आने और भारत की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के समारोह में शामिल होने के लिए हृदय से आमंत्रित किया हैं।

आयोजन के दौरान भारत की समृद्ध प्रदर्शन कलाओं पर समर्पित सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जा रही है। इस आयोजन में जीआई-टैग प्राप्त शिल्प, सतत विकास प्रथाओं और पीढ़ियों के पारंपरिक कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *