(कुआलालंपुर,मलेशिया)02नवंबर,2025.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समय मलेशिया के दौरे पर हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक वे आज शनिवार को 12वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) के लिए कुआलालंपुर पहुंचे, जहां वह ‘एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे का रास्ता तैयार करना’ विषय पर मंच को संबोधित करेंगे।
बता दें, रक्षा मंत्रियों की यह बैठक दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के अंतर्गत सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोगात्मक तंत्र के रूप में कार्य करता है. एडीएमएम-प्लस समूह में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम सहित आसियान के सदस्य देशों और इसके आठ संवाद साझेदारों – भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड- के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है।
जानकारी के मुताबिक भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसकी पहली एडीएमएम-प्लस बैठक अक्टूबर 2010 में वियतनाम के हनोई में आयोजित की गई. 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और उसके साझेदार देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता रहा है. वर्तमान में एडीएमएम-प्लस ढांचे के तहत, भारत 2024-2027 तक के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है।
इससे पहले शुक्रवार को रक्षा मंत्री ने यहां अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ बैठक की, जिसके दौरान दोनों देशों ने दस वर्षीय रक्षा रूपरेखा समझौते को औपचारिक रूप दिया, जो भारत-अमेरिका सामरिक और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. दोनों पक्षों के सीनियर अधिकारियों की उपस्थिति में एक समझौता हुआ, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य सहयोग, क्षमता वृद्धि और संयुक्त परियोजनाओं पर केंद्रित एक दीर्घकालिक रोडमैप स्थापित करता है. सिंह ने इस समझौते पर हस्ताक्षर को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में एक ‘नए अध्याय’ की शुरुआत बताया।
राजनाथ ने आगे कहा कि हमने तीन बार टेलीफोन पर बातचीत की है. मुझे एडीएमएम-प्लस के दौरान आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर बहुत खुशी हो रही है. इस अवसर पर, मुझे लगता है कि आज रक्षा ढांचे पर हस्ताक्षर के साथ एक नया अध्याय शुरू होगा. मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत-अमेरिका संबंध और भी मजबूत होंगे. हेगसेथ ने सराहना करते हुए इस समझौते को नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच विकसित होते संबंधों में एक निर्णायक क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि मैं भारत के साथ हमारी साझेदारी के लिए मंत्री सिंह का आभार व्यक्त करना चाहता हूं. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका-भारत संबंधों में से एक है. हमारा रणनीतिक गठबंधन साझा हितों, आपसी विश्वास और एक सुरक्षित एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है. हेगसेथ ने आगे कहा कि यह 10 वर्षीय अमेरिका-भारत रक्षा ढांचा महत्वाकांक्षी है. यह हमारी दोनों सेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, आगे और भी गहरे और सार्थक सहयोग का रोडमैप है. यह हमारी साझा सुरक्षा और हमारी मज़बूत साझेदारी के प्रति अमेरिका की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है(साभार एजेंसी)
