(नई दिल्ली)02नवंबर,2025.
यूनेस्को ने विश्व शहर दिवस 2025 के मौके पर 58 शहरों को यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (यूसीसीएन) के नए सदस्यों के रूप में नामित किया है. इनमें भारत के लखनऊ को उसकी पाक कला के लिए शामिल किया गया है. नवाबों के इस शहर को गैस्ट्रोनॉमी यानी पाक कला से जुड़े कार्यों के लिए चुना गया है.यहां भोजन, संस्कृति और परंपरा का बेहतर समन्वय देखने को मिलता है।
केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी है।केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि यूनेस्को द्वारा इस वर्ष महाराष्ट्र के ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप’ अर्थात छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके वंशजों द्वारा निर्मित ऐतिहासिक किलों के समूह को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. इन किलों का ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व अपार है. इनके शामिल होने से अब भारत में कुल 43 विश्व धरोहर स्थल पंजीकृत हो चुके हैं, जो हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण हैं.
10 शहर अब यूनेस्को के क्रिएटिव नेटवर्क में: शेखावत ने बताया कि अब भारत के कुल 10 शहर यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं. इनमें जयपुर (हस्तशिल्प और लोक कला), वाराणसी (संगीत परंपरा), चेन्नई (संगीत), मुंबई (फिल्म उद्योग), हैदराबाद (पाक कला – बिरयानी), श्रीनगर (हस्तशिल्प), कोजीकोड, केरल (साहित्य), ग्वालियर (संगीत) और अब लखनऊ (पाक कला) शामिल हैं.
छठ पूजा के लिए भेजा प्रस्ताव: शेखावत ने बताया कि भारत ने इस वर्ष यूनेस्को के समक्ष छठ पूजा को ‘अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा है. यह भारत की लोक आस्था, पर्यावरणीय संतुलन और सामुदायिक संस्कृति का प्रतीक है. शेखावत ने कहा कि भारत अब केवल अपनी संस्कृति का रक्षक ही नहीं, बल्कि उसे ‘विकास के मॉडल’ के रूप में प्रस्तुत करने वाला देश बन चुका है. काशी कल्चर पाथवे से लेकर लखनवी पाकशैली तक, भारत यह साबित कर रहा है कि संस्कृति केवल अतीत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है.
शेखावत ने कहा कि जो भी व्यक्ति या समूह देश की सुरक्षा के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसे कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा. उसे खोजकर कानून के सामने लाया जाएगा और उसके अपराध की सजा अवश्य दिलाई जाएगी(साभार एजेंसी)
