(लखनऊ,UP)27जनवरी,2026.
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए लाए गए यूजीसी के नए कानूनों का जबरदस्त विरोध हो रहा है। मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया और नाराजगी जाहिर की। छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर एक के पास प्रदर्शन किया और यूजीसी से कानून वापस लेने की मांग की।
इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को आपस में लड़ाने के लिए ये कानून लेकर आई है। इससे भेदभाव समाप्त नहीं होगा बल्कि छात्रों में आपस में टकराव होगा।
हालांकि सरकार ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अधिक निष्पक्षता और जवाबदेही लाना है, लेकिन कई आलोचकों को आशंका है कि इससे सामाजिक विभाजन और गहरा सकता है और विश्वविद्यालय परिसरों में नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए लागू किए गए नए नियमों के तहत, यूजीसी ने संस्थानों को शिकायतों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों को संबोधित करने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी दल गठित करने को कहा है।(साभार एजेंसी)
