(वाराणसी,UP)15फरवरी,2026.
महाशिवरात्रि पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर देश ही पूरे विश्व का आध्यात्मिक संगम बन रहा है। पूरे विश्व के लोग बाबा की शरण में दर्शन करने पहुंच रहे हैं। विश्वभर के 62 बड़े मंदिरों से बाबा के लिए भोग और वस्त्र पहुंचे हैं। मलयेशिया के 7 मंदिर और श्रीलंका के कोलंबो के एक मंदिर से बाबा के पास भोग पहुंचा है। वहीं देश के 54 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से प्राप्त पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज और तीर्थजल को बाबा विश्वेश्वर के श्रीचरणों में अर्पित करने की परंपरा का शुभारंभ किया जा रहा है।
शनिवार को शक्तिपीठ माता विशालाक्षी धाम से बाबा विश्वनाथ दरबार में अभिषेक और शृंगार सामग्री पहुंचाई गई। 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में महशिवरात्रि पर्व के लिए शिव भक्तों के सुगम दर्शन और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। मंगला आरती के बाद से ही बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ। बाबा करीब 45 घंटो तक दर्शन देते रहे रहेंगे।
रविवार की सुबह भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। काशी विश्वनाथ मंदिर सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष महाशिवरात्रि में लगभग 12 लाख दर्शनार्थी आए थे। इस साल भक्तों की संख्या 10 से 15 लाख के मध्य अनुमानित है। 5 लाख वर्ग मीटर में विस्तारित धाम में श्राद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार निर्धारित किया गया है। साथ ही मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए जिगजैक बैरिकेटिंग की गई है। भक्त छह द्वारों से बाबा के दर्शन कर रहे हैं।
भक्तों से अपील की गई है कि वे धाम में खाली पेट न आए , धाम में प्रवेश करते समय प्रतिबंधित वस्तुएं, जैसे, बड़े बैग, मोबाइल फोन, स्मार्ट, डिजिटल घड़ी, पेन, तंबाकू, पॉलीथीन बैग,प्लास्टिक की वस्तुएं एवं अन्य निषिद्ध सामग्री अपने साथ न लाएं और इन्हें अपने स्थान पर ही छोड़कर आएं। वहीं धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन स्थानों पर मेडिकल टीम की तैनाती है, हेल्पडेस्क सहायता कर रही है।(साभार एजेंसी)
