सक्रिय हुआ अलनीनो,मार्च में 40 के पार जा सकता है पारा

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)8मार्च,2026.

तापमान में धीरे-धीरे ही सही लेकिन बढ़ोतरी का क्रम जारी है। प्रदेश में शनिवार को लगभग सभी जिलाें में तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को झांसी में सबसे अधिक तापमान 36.6 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा। दूसरे नंबर पर आगरा रहा जहां अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को भी तापमान में आंशिक बढ़ोतरी की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहने के आसार हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि आगामी चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस वजह से तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहने से मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहने के आसार हैं। गर्मी कुछ दिनों में ही अपना असर तेज कर सकती है।

अलनीनो हुआ सक्रिय, मार्च में 40 डिग्री पार होगा पारा
इस साल मार्च से ही गर्मी बढ़ जाएगी। इस महीने ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो सकता है। गर्मी और सूरज की किरणों की तपिश तेजी से असहनीय हो सकती है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक ने पारा बढ़ने के पीछे तीन बड़ी वजहें बताई हैं… कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, अलनीनो का सक्रिय होना और अगले कई दिनों तक मौसम बिल्कुल साफ रहना, जिससे सूरज की किरणें धरती पर बिना किसी रुकावट के पहुंचेगी और गर्मी तेज होगी। 25 मार्च या इसके आसपास तापमान 40 डिग्री को पार कर सकता है। इसके बाद अलनीनो इस बार के मानसून को भी प्रभावित कर सकता है।

बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रशांत महासागर में अभी तक अलनीनो न्यूट्रल स्थिति और लानीना कमजोर थी। लेकिन अलनीनो का प्रभाव बढ़ेगा। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा की गति धीमी होगी। दूसरा, मौसम साफ रहने से सूरज की किरणों का ताप काफी बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 7-8 साल से लगातार मार्च का पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है। अभी तक मार्च में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस 27 मार्च 2010 को गया था। पिछले 14 साल में तापमान तीन बार 40 डिग्री के ऊपर और तीन बार 41 डिग्री से ज्यादा रहा है। 2020 में 36 डिग्री, 2015 में 37.9 डिग्री, 2014 में 38.4 डिग्री और 2013 में 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 1981 से 2010 के बीच 30 साल में मार्च का औसत अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और औसत न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा है।

आगामी 7 दिन साफ मौसम भी बढ़ाएगा गर्मी
मार्च में औसत बारिश 6.8 मिलीमीटर रही है, जबकि इस बार अभी तक कोई बारिश नहीं हुई है। आगामी पूर्वानुमानों में भी बारिश की उम्मीद नहीं जताई गई है। अगले सात दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे सूरज की तपिश बढ़ सकती है।

अगले 5 दिन तक 2-3 डिग्री बढ़ेगा पारा
शनिवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में 11 किमी प्रति घंटे की गति से हवा भी चली। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।(साभार एजेंसी)

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