(लखनऊ,UP)19मार्च,2026.
सुप्रीम कोर्ट में सहारा हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज होने के बाद अब एलडीए में सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा बनाने की तैयारी तेज हो गई। विधान सभा के साथ ही यहां पर सीएम सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास बनाए जाने पर पर मंथन हो रहा है। दूसरी केस हारने के बाद सहारा प्रमुख स्वर्गीय सुब्रत राय सहारा की पत्नी स्वप्ना राय ने सहारा शहर को खाली करना शुरू कर दिया है।
नगर निगम के सम्पत्ति प्रभारी राम प्रसाद ने बताया सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम केस जीत चुका है। नगर निगम को सिर्फ जमीन से मतलब है। ऐसे में स्वर्गीय सुब्रत राय सहारा की पत्नी स्वप्ना राय को सामान निकालने की अनुमति दी है। वह अपना सामान ले जा रही हैं।
एक दो दिन में पूरा सामान चला जाएगा। लीज का समय पूरा होने और शर्तों के उल्लंघन पर नगर निगम ने सहारा शहर की लीज को बढ़ाने की बजाय 30 साल का समय पूरा होने पर अक्तूबर के पहले सप्ताह में अपने कब्जे में ले लिया था।
उसके बाद परिसर के गेटों को सील कर वहां पर सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए थे। लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सहारा कंपनी पहले हाईकोर्ट गई। वहां पर जब राहत नहीं मिली तो वह सुप्रीम कोर्ट गई। वहां पर भी उसे राहत नहीं मिली और कोर्ट ने 16 मार्च पहले अपील को खारिज कर दिया था।
उसके बाद स्वप्ना रॉय अपना सामान सहारा शहर से ले जा रही हैं। इससे नगर निगम को कोई आपत्ति नहीं है। उनकी जो भी गाड़ियां, पशु, फर्नीचर व अन्य सामान है वह ले जा रही हैं। गायों को पहले गोशाला में रखा गया था यदि वह ले जाएंगी तो वह उनको मिल जाएंगी।
विधानसभा बनने का रास्ता पूरी तरह साफ
सुप्रीम कोर्ट से नगर निगम के केस जीतने के बाद स्वप्ना रॉय के सहारा शहर खाली करने के साथ ही सहारा शहर की जमीन पर नई विधानसभा बनने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। अब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के कारण अटका हुआ था मगर अब इसमें कोई कानूनी बाधा भी नहीं रही है।
नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि जमीन पर क्या बनेगा यह शासन और सरकार तय करेगी। लीज निरस्त होने के बाद नगर निगम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था और अब सुप्रीम कोर्ट से केस जीतने के बाद किसी तरह का कोई कानूनी विवाद भी नहीं रहा है और नगर निगम की 170 एकड़ जमीन सुरक्षित है।(साभार एजेंसी)
