बैंकों में जमा 3121 करोड़ के नहीं मिल रहे वारिस

Punjab/ Hariyana

(चंडीगढ़,पंजाब)9अप्रैल,2026.

पंजाब के बैंक खातों में जमा 3121 करोड़ रुपये के वारिस नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश में 83.12 लाख बैंक खाते ऐसे हैं जिनमें राशि जमा करवाकर लोग भूल बैठे हैं। इनमें भारी संख्या में खातों को निष्क्रिय श्रेणी में डालकर बैंकों ने इनमें जमा को नियमों के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिपॉजिटर एंड अवेयरनेस फंड (डीईए) में जमा करवा दिया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है जिसे समिति ने हाल ही में बैठक में पेश किया है।

रिपोर्ट के अनुसार अभी तक सिर्फ 2.37% राशि का ही भुगतान किया जा सका है जिसके तहत 19,126 खातों में 76 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। साथ ही पंजाब सरकार ने ओडिशा की तर्ज पर सिंगल नोडल अकाउंट तैयार किया है ताकि लोगों के खातों में जमा राशि के भुगतान में किसी भी तरह की देरी न हो। इनमें ज्यादातर ऐसे खाते शामिल हैं जिन्हें लोगों ने न तो अपडेट करवाया और न ही पिछले काफी समय से लेन-देन किया है।

अधिकतर खाते ऐसी परिस्थितियों में निष्क्रिय हुए जब खाताधारक स्थानांतरित हो गए या फिर उनका बैंक बदल गया। समिति के अनुसार बैंक खाताधारकों को ढूंढ रहे हैं जिसके लिए लगातार बैंकों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

एसबीआई ने 32 करोड़ राशि लोगों तक पहुंचाई:
समिति के अनुसार सभी बैंक इस जमा राशि को उनके हकदारों तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। समिति ने इस प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 4373 बैंक खातों में 32 करोड़ की राशि जारी कर दी है। समिति ने निर्देश दिए हैं कि सभी बैंक और कैंप लगाएं ताकि जल्द इस राशि का निपटारा किया जा सके।

इस तरह निष्क्रिय हो जाता है खाता:
जब किसी खाते में दो साल से ज्यादा कोई लेनदेन या गतिविधि नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय कर दिया जाता है। वहीं अगर खाता 10 साल से ज्यादा समय तक निष्क्रिय रहता है तो बैंक उस खाते की राशि को आरबीआई के विशेष फंड में जमा करवा देता है।

खाता निष्क्रय होने से इस तरह बचा सकते:
बैंक खाता निष्क्रिय होने से बचाने के लिए खाते में कुछ महीनों में एक बार लेन-देन जरूर करना चाहिए। साथ ही बैंकों में संपर्क के लिए अपनी नवीनतम जानकारी अपडेट करवानी चाहिए। उपयोग में नहीं आने वाले खातों को बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा पासबुक, नेट बैंकिंग से समय-समय पर खाते की जांच करनी चाहिए जबकि बैंक के किसी भी अलर्ट और नोटिस को अनदेखा नहीं करना चाहिए।(साभार एजेंसी)

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