एकजुट हुए 6 राज्यों के सरकारी कार्मिक

Punjab/ Hariyana

(चंडीगढ़)16अप्रैल,2026

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत चंडीगढ़ के भकना भवन में कार्यकर्ताओं के ट्रेड यूनियन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, हिमाचल व उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी करते हुए मजदूरों के हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया।

शिविर में केंद्र सरकार पर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी करने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व जनसेवाओं के विभागों का निजीकरण करने के आरोप लगाते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। इसकी विधिवत घोषणा 9-10 मई को आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में की जाएगी।

कार्यकर्ता शिविर में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव ए श्रीकुमार, सेंटर आफ ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह व अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पी त्यागी शामिल हुए। शिविर में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र कमजोर करने के प्रयासों का डटकर विरोध करने का संकल्प लिया गया।

सरकार खाली पदों को स्थाई भर्ती से भरकर बेरोजगारों को रोजगार देने की बजाय पीएसयू और जनसेवाओं के विभागों का निजीकरण कर रही है। 18 महीने के बकाया डीए डीआर रिलीज करने और आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म आफ रेफरेंस में बदलाव करने को भी सरकार तैयार नहीं है।

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए चार लेबर कोड्स को मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज करार दिया और उनका डटकर विरोध करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यह लेबर कोड्स यूनियन बनाने, हड़ताल करने, सामूहिक सौदेबाजी करने जैसे अधिकारों को समाप्त कर देंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के नेता पी त्यागी ने कहा कि प्रस्तावित इंडो यूएस ट्रेड डील लागू होने के बाद किसान और खेती बर्बाद हो जाएगी। केंद्र सरकार को यह कदापि नहीं भूलना चाहिए कि देश की जीडीपी और रोजगार में बहुत बड़ी भूमिका कृषि क्षेत्र की है।

कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की तैयारी:
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के महासचिव ए श्रीकुमार ने कहा कि हमें निर्णायक आंदोलन के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की जरूरत है। शिविर में एआइएसजीइएफ की सदस्य रेखा गौरा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव कृष्ण कुमार नैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जरनैल सिंह, पीएसएसएफ (वैज्ञानिक) के राज्य प्रधान गगनदीप सिंह भुल्लर, पीएसएसएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्मजीत सिंह बिल्ला, जेकेसीसीटीयू की नेता हुर्रा बानो, फेडरेशन आफ यूटी एंप्लाइज एंड वर्कर के प्रधान राजेंद्र कटौच, महासचिव हरकेश चंद, असिस्टेंट जरनल सेकेट्री अमरीक सिंह, कर्मचारी नेता तीर्थ सिंह बस्सी, एनडी तिवारी, अब्दुल नजार, मनजीत सैनी, सुरजीत सिंह गगड़ा, एम सुब्रहमण्यम और गोपाल दत्त जोशी शामिल हुए।(साभार एजेंसी)

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