(आगरा,UP)09मई,2026.
डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.आशु रानी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन में आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश की ओर से प्रस्तावित समीक्षा बैठक को लेकर महाविद्यालयों की तैयारियों की समीक्षा करना रहा।
कुलपति ने सभी महाविद्यालय के प्राचार्य को निर्देशित किया कि वे अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, उपलब्धियों, नवाचारों और संस्थागत गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए कि सेल्फ फाइनेंस और प्रबंध समिति के बजट को अलग-अलग दर्शाया जाए। कुलपति ने प्रधानमंत्री ऊषा योजना के अंतर्गत संभावित अनुदान को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों से 100 वर्षों की विकास योजना तैयार करने को कहा। इसमें नई इमारतों, अधोसंरचना विकास, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और शैक्षिक विस्तार की योजनाएं शामिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महाविद्यालयों को अपनी कमियों और चुनौतियों को भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा।
बैठक में विद्यार्थियों की उपलब्धियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों, शोध गतिविधियों, आउटरीच कार्यक्रमों और छात्र कल्याण योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। कुलपति ने कहा कि महाविद्यालयों की गतिविधियां प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए फोटो एवं आंकड़ों का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाए। सभी फोटोग्राफ जियो टैग और कैप्शन सहित लगाने तथा प्रत्येक स्लाइड में अधिकतम दो फोटो रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश उपस्थित रहे।
नेक मानक के अनुरूप तैयार करें पीपीटी
कुलपति ने कहा कि सभी महाविद्यालय अपनी पीपीटी नेक मानकों के अनुरूप तैयार करें। यदि किसी महाविद्यालय का पूर्व में नेक मूल्यांकन हो चुका है तो उसकी ग्रेड और उपलब्धियों को भी प्रमुखता से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि नेक मूल्यांकन से संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्य, अधोसंरचना और छात्र सुविधाओं का आकलन होता है, इसलिए प्रस्तुति तथ्यात्मक और व्यवस्थित होनी चाहिए(साभार एजेंसी)
