सुब्रमणि होंगे देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

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(नई दिल्ली)09मई,2026

भारतीय सेना के सर्वोच्च पद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पर नई नियुक्ति की गई है. मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. इससे पहले भारत सरकार ने नए सीडीएस को नियुक्त कर दिया है, जो अनिल चौहान का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे. भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (PVSM, AVSM, SM, VSM – सेवानिवृत्त) को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है. वे पदभार ग्रहण करने की तारीख से लेकर अगले आदेशों तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे.

कौन हैं NS राजा सुब्रमणि, जो बनेंगे भारत के अगले CDS
लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के बेहद सीनियर ऑफिसर हैं. 1 सितंबर 2025 से अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक थल सेना के उप-प्रमुख (Vice Chief of the Army Staff) रहे थे, और मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे. उनकी गिनती तेज-तर्रार अधिकारियों में की जाती है.

बताते चले कि वर्तमान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को पूरा हो रहा है. ऐसे में उनके बाद जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भारत के नए सीडीएस की भूमिका में नजर आएंगे.
थल सेना के उप प्रमुख भी रह चुके हैं NS राजा सुब्रमणि
लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि वर्तमान में 1 सितंबर, 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार हैं. इससे पहले वे 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक थल सेना के उप-प्रमुख थे, और मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे.

NDA के बाद लंदन से मास्टर्स, मद्रास विवि से एम फिल की डिग्री
NS राजा सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के स्नातक हैं. उन्हें 14 दिसंबर, 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था. वे जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज, ब्रैक्नेल (UK) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं. उनके पास किंग्ज़ कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में M.Phil की डिग्री है.

40 साल के सैन्य करियर में कई अहम ऑपरेशनों में रहे शामिल:
लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि ने 40 वर्षों से अधिक के अपने शानदार सैन्य करियर में कई ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने ‘ऑपरेशन राइनो’ के तहत असम में उग्रवाद-रोधी अभियानों के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली. जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और मध्य क्षेत्र में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाली. वहीं पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर, ‘2 कोर’ की कमान भी संभाला है।

कई विशिष्ट पदक से भी हो चुके सम्मानित
जनरल ऑफिसर को पश्चिमी और उत्तरी, दोनों सीमाओं पर ऑपरेशनल स्थितियों की गहरी जानकारी और गहन समझ है. जनरल एनएस सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है.

2020 में मोदी सरकार ने बनाया था पद, बिपिन रावत के थे पहले CDS
उल्लेखनीय हो कि 2020 में केंद्र की मोदी सरकार ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (CDS) का पद सृजित किया था. 1 जनवरी 2020 को यह पद सृजित होने के बाद जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस बने थे. सीडीएस के पद पर जनरल बिपिन रावत का कार्यकाल 1 जनवरी 2020 से 8 दिसंबर 2021 तक रहा था. 8 दिसंबर को एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में जनरल बिपिन रावत का निधन हो गया था.

अनिल चौहान के बाद अब देश के तीसरे सीडीएस होंगे एनएस राजा सुब्रमणि
जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन के बाद 9 दिसंबर 2021 से 29 सितंबर 2022 तक यह पद रिक्त रहा. फिर जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को दूसरे CDS के रूप में 30 सितंबर 2022 को नियुक्त किया गया. उनका कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. जिसके बाद अब तीसरे सीडीएस के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को यह अहम जिम्मेवारी दी गई है.(साभार एजेंसी)

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