(लखनऊ,UP)01जून,2026.
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मां शाकंभरी देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर आपदा और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। चार दिन पहले क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद मुख्यमंत्री ने शाकंभरी पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
जिलाधिकारी से ली बाढ़ हादसे की विस्तृत जानकारी:
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान जिलाधिकारी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, राहत कार्यों और हादसे में हुई जनहानि के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम किया जाए।
विकास कार्यों की प्रगति पर जताई गंभीरता:
मुख्यमंत्री ने शाकंभरी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधूरे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
दिसंबर तक तैयार हो एलिवेटेड पुल:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शाकंभरी क्षेत्र में प्रस्तावित एलिवेटेड पुल का निर्माण कार्य दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा और आपदा के समय सुरक्षित आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को भी कहा।
भूरादेव क्षेत्र में पार्किंग निर्माण के निर्देश:
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री ने भूरादेव क्षेत्र में पार्किंग निर्माण की योजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने पर जोर:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।(साभार एजेंसी)
