(नई दिल्ली)17जून,2026.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की सीमाओं में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में मौजूदा स्वरूप को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही भविष्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए चार नए नमो सिटी मॉडल शहर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा सरकार के उस प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिसमें एनसीआर का दायरा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के हवाई क्षेत्र तक सीमित करने की मांग की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्ताव के लागू होने पर एनसीआर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दायरे से बाहर हो जाता। हालांकि बोर्ड ने इस प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं किया और मौजूदा सीमाएं यथावत रखने का फैसला किया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय चार नए नमो सिटी विकसित करने से जुड़ा रहा। इसके तहत दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से एक-एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप का प्रस्ताव मांगा गया है। इन प्रस्तावों के आधार पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए शहर विकसित किए जाएंगे।
योजना के अनुसार इन शहरों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर परिवहन संपर्क, डिजिटल सुविधाएं, पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल और टिकाऊ शहरी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। माना जा रहा है कि इससे एनसीआर के मौजूदा शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और अव्यवस्थित शहरी विस्तार जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही रोजगार, निवेश और आवास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
एनसीआर की सीमा को लेकर कमेटी करेगी अध्ययन:
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एनसीआर की सीमा को लेकर अध्ययन जारी रहेगा। इसके लिए एक उप-समिति गठित की गई है, जो अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दिसंबर 2026 में होने वाली अगली समीक्षा बैठक में सीमा पुनर्गठन के मुद्दे पर दोबारा विचार किया जाएगा। फिलहाल एनसीआर के दायरे में कोई कटौती नहीं होगी, लेकिन चार नए नमो सिटी के प्रस्ताव ने क्षेत्र के भविष्य के विकास की दिशा तय कर दी है।
एनसीआर के संतुलित विकास के लिए राज्यों को मिलकर करना होगा काम: रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के समग्र और संतुलित विकास के लिए इससे जुड़े सभी राज्यों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ तभी हर क्षेत्र तक पहुंचेगा, जब दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान मिलकर योजनाओं को आगे बढ़ाएं।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक में रेखा गुप्ता ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जनसुविधाएं उपलब्ध कराने और दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने के लिए सभी राज्यों को विकास परियोजनाओं में तेजी लानी होगी।
बैठक में संस्थागत समन्वय को मजबूत करने, क्षेत्रीय परिवहन और संपर्क सुविधाओं के विस्तार तथा विकास परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर में कनेक्टिविटी बढ़ने से लोगों की आवाजाही आसान हुई है और इस दिशा में प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
सीएम ने बढ़ते प्रदूषण को चारों राज्यों की साझा चुनौती बताते हुए दीर्घकालिक और ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए समान नीति, आधुनिक तकनीक और संसाधनों के समन्वित उपयोग की जरूरत है। साथ ही उन्होंने पूरे एनसीआर में हरित आवरण बढ़ाने, व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी हितधारकों को साथ लेकर स्वच्छ और हरित एनसीआर के निर्माण का आह्वान किया।(साभार एजेंसी)
