(चंडीगढ़,हरियाणा) 17जून,2026.
हरियाणा के लिए नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर ) की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी समेत राज्य के सभी 14 जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे। यह फैसला मंगलवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। इससे पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि हरियाणा के पांच जिलों को एनसीआर से बाहर किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में राज्य की हिस्सेदारी काफी घट जाती।
वर्तमान में हरियाणा के 23 में से 14 जिले एनसीआर के दायरे में आते हैं। सूत्रों ने बताया है कि एनसीआर क्षेत्र में कटौती से सबसे अधिक प्रभावित राजस्थान होता। प्रस्तावित पुनर्गठन के अनुसार राज्य से केवल भिवाड़ी ही एनसीआर में शामिल रह जाता।
राजस्थान सरकार ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया था और माना जा रहा है कि उसके कड़े रुख ने लिए गए फैसले को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाई। यदि प्रस्ताव लागू होता तो हरियाणा के पांच जिले करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी एनसीआर से बाहर हो जाते। इसका असर बुनियादी ढांचे में निवेश, भूमि उपयोग से जुड़ी मंजूरियों और एनसीआर दर्जे के तहत मिलने वाले विकास फंड पर पड़ सकता था।
रीजनल प्लान 2041 को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी गठित
बैठक में रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा।(साभार एजेंसी)
