मानसून की एंट्री में देरी संभव

Rajasthan

(जयपुर,राजस्थान)18जून,2026.

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के इंतजार के बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस बार मानसून की प्रदेश में एंट्री सामान्य तारीख से कुछ दिन देरी से हो सकती है। प्रदेश में मानसून की एंट्री की संभावित तिथि 20 जून मानी जाती है लेकिन फिलहाल मानसून राजस्थान से मानूसन की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों में मानसून इन राज्यों के और हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़ में भी आगे बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बन रही हैं । इस बीच राजस्थान में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज होने से अगले कुछ दिनों तक आंधी, मेघगर्जन और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

राजस्थान में मानसून की सामान्य प्रवेश तिथि 25 जून के आसपास मानी जाती है, जब यह सबसे पहले दक्षिण-पूर्वी जिलों झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में दस्तक देता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की प्रगति पिछले सप्ताह कुछ धीमी हुई है। ऐसे में यदि इसकी रफ्तार जल्द नहीं बढ़ती है तो राजस्थान में मानसून की एंट्री जून के अंतिम सप्ताह या सामान्य तिथि के आसपास ही होने की संभावना है।

मानसून भले अभी दूर हो, लेकिन प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो चुकी हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मध्य भारत पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से जयपुर, अजमेर, दौसा, कोटा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इससे दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

कब तक मिल सकती है राहत?:

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन से पांच दिनों तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।

पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे पखवाड़े में प्री-मानसूनी गतिविधियां और बढ़ेंगी, जो मानसून के आगमन का आधार तैयार करेंगी।

फिलहाल प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि आंधी और बारिश के कारण हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना बेहद कम है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान की सीमा में आखिर कब प्रवेश करता है।(साभार एजेंसी)

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