पीएम मोदी देंगे जयपुर को 631 करोड़ की सौगात

Rajasthan

(जयपुर,राजस्थान)24जून,2026.

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर प्राथमिकता से काम कर रही है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जयपुर को आधुनिक और हाईटेक शहर बनाने के लिए परिवहन, सफाई और शहरी बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बुधवार को सांगानेर स्टेडियम में आयोजित 631 करोड़ रुपये के 1538 विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और पट्टा वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क, बिजली और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर नागरिक सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का शिलान्यास करेंगे। 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक मेट्रो लाइन विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी में यातायात को सुगम बनाने, समय की बचत और शहरी विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में जयपुर-भीलवाड़ा रोड पर 124 करोड़ रुपये के मुहाना मोड़ फ्लाईओवर, बंबाला क्षेत्र में 88 करोड़ रुपये की एसटीपी परियोजना, पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल और भांकरोटा में ट्रॉमा सेंटर की आधारशिला रखी गई। इसके अलावा सांगानेर क्षेत्र के 115 मंदिरों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्यों की भी शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिटी मॉल, रिद्धि-सिद्धि फ्लाईओवर, सांगानेर एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती नदी विकास परियोजना जैसे कई बड़े कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र पर काम कर रही है।

भजनलाल शर्मा ने बताया कि जयपुर में पहली बार अत्याधुनिक मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनें शुरू की गई हैं, जो संकरी गलियों, फुटपाथों और ट्रांसफॉर्मरों के आसपास जमा कचरे को भी आसानी से साफ कर सकेंगी। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के लिए जनजागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सीवरेज सफाई के लिए सुपर सकर मशीन का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित करते हुए बताया कि ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से अब तक प्रदेश के 8 हजार से अधिक गांवों में लगभग 14 लाख स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिलने में मदद मिल रही है(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *