(जयपुर,राजस्थान)26जून,2026.
राजस्थान सरकार ने निकाय चुनावों से पहले बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या बढ़कर 309 से 385 हो गई है। इन नई नगर पालिकाओं के संचालन और प्रशासन की व्यवस्था के लिए 684 नए पदों को सृजि किए जाने भी मंजूरी दी गई है।
जयपुर और झुंझुनू को सबसे ज्यादा:
नई नगर पालिकाओं में जयपुर और झुंझुनू जिलों को सबसे ज्यादा 7-7 निकाय मिले हैं। इनमें जयपुर में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानौता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। वहीं झुंझुनू जिले में सिंघाना, डूंडलोद, जाखल, सुलताना, बुहाना, मलसीसर और मंड्रेला को नई नगर पालिका घोषित किया गया है। इनके अलावा दौसा, अलवर, टोंक में चार-चार और बाड़मेर, बालोतरा तथा अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी नए निकायों का ऐलान किया गया है।
इन जिलों में भी बनी नई नगर पालिकाएं:
इनके अलावा कोटपूतली-बहरोड में नारायणपुर, मांढण, सीकर में पलसाना और धौद, सवाई मधाेधपुर में वजीरपुर और खंडार, बूंदी में देई और हिंडोली, व्यावर में रायपुर और मसूदा, जालौर में आहोर और सायला, नागौर में मेडतारोड और रियाबाड़ी, बीकानेर में लूणकरणसर और नापासर, बालोतरा में सिणधरी और समदड़ी, धौलपुर में मनिया और सेफ, करौली में सूरीठ और मंडरायल, डीग में पहाड़ी, उदयपुर में वल्लभनगर, हनुमानगढ़ में गोलूवाला, राजसमंद में भीम, श्रीगंगानगर में घडसाना, डीडवाना-कुचामन में खाटू खुर्द, कोटा में सुकेत, बारां में सीसवाली, पाली में सोजत रोड, चूरू में साहवा, प्रतापगढ़ में अरनोद और सिरोही में मंडार को नगर पालिका घोषित किया गया है।
राज्य सरकार ने नई नगरपालिकाओं के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्टॉफ की नियुक्ति के लिए 684 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। प्रत्येक नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी, सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता(सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, स्वास्थ्य निरीक्षक, वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक के पद मंजूर किए गए हैं। इनके अलावा दो-दो निकष्ठ सहायकों की भी नियुक्ति की जाएगी।
राज्य सरकार ने इस आदेश के साथ ही पहले से गठित छह नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था से संबंधित पूर्व स्वीकृति के आदेश भी निरस्त कर दिए हैं। इन निकायों के लिए स्वीकृत 54 पदों से जुड़ी व्यवस्था भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
राजस्थान में इस साल पंचायत और निकाय चुनाव संभावित हैं। हाईकोर्ट ने तो सरकार को 31 जुलाई तक इन चुनावों को पूरा करवाने के निर्देश भी दिए हुए हैं। ऐसे में भजनलाल सरकार का यह फैसला पंचायत और निकाय चुनाव से पहले एक बड़ा कदम माना जा रहा है।(साभार एजेंसी)
