(चंडीगढ़,हरियाणा)05जुलाई,2026
हरियाणा के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट 2026-27 में की गई घोषणाओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किसानों को सहायता उपलब्ध कराने, प्रमाणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा इस क्षेत्र में संस्थागत ढांचा विकसित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में इस संबंध में विभिन्न प्रावधानों, व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एपीडा (APEDA) से प्रमाणित अथवा प्राकृतिक/जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार इसका लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन, प्रमाणन, सत्यापन तथा अनुदान वितरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भूमि का उपयोग प्राकृतिक/जैविक खेती के लिए करने संबंधी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाए, ताकि इच्छुक किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती को व्यवहारिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किसानों को आवश्यक आधारभूत सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को देसी गाय खरीदने के लिए 30,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसान गो-आधारित प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटा सकें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रमाणन, प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, भूमि उपयोग, विपणन और उत्पादों की बिक्री जैसे सभी पहलुओं को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर व्यवस्था मिल सके।
