(कैथल,हरियाणा)14जुलाई,2026
हरियाणा राज्य के सिंचाई विभाग,पूंडरी में सिरसा ब्रांच पर अंग्रेजों के जमाने में बनी पानी से चलने वाली चक्की का 35 लाख रुपये से कायाकल्प करेगा। विभाग की ओर से पनचक्की को नया स्वरूप देते हुए टूरिज्म हब बनाने का प्रयास किया जाएगा। नहरी पानी से चलने वाली ये चक्की 1890 से संचालित की जा रही है। यह हरियाणा की एक मात्र पानी से चलने वाली चक्की है। सिंचाई विभाग इसको एक धरोहर के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा है।
पन चक्की का पूरा क्षेत्र करीब डेढ़ एकड़ है। अब इस डेढ़ एकड़ में पहले कच्चे पड़े एरिया को ब्लॉक लगाकर पक्का किया जा रहा है, ताकि पार्किंग बनाई जा सके। साथ ही चारदीवारी और गेट लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। वहीं वेटिंग रूम में टायल लगाते हुए इसको वातानुकूलित बनाया जाएगा, ताकि आटा पिसवाने वाले लोग आराम से बैठ सकें। वहीं पहले आटा जमीन पर गिरता था और अब उस कमरे में टाइल लगाते हुए मशीनों के जरिए आटा को सीधा कट्टों में डालने की व्यवस्था की जाएगी ताकि हाथ न लगे। वहीं आटा पिसाई के कार्य में लगे ठेकेदार के कर्मचारियों के लिए भी टॉपी और दस्ताने अनिवार्य किए जाएंगे। ग्राहकों के आने जाने का रास्ता भी अलग होगा और कर्मचारियों का अलग। पहले खराब हालत में पड़े दो कमरों को अब एग्जीबिशन कम-म्यूजियम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर विभाग के पास पहले से संरक्षित पुराने फोटो व पन चक्की की तकनीक को दर्शाने वाले चित्र लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस एग्जीबिशन रूम या म्यूजियम का भ्रमण कर आसानी से इसके चलने की प्रक्रिया को समझ सके।(साभार एजेंसी)
