(पटना,बिहार),16जुलाई,2026
समस्तीपुर शहर में वर्षों से जारी पेयजल संकट को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने अमृत 2.0 मिशन के तहत 228.45 करोड़ रुपये की शहरी जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दी है। नई पाइपलाइन, बेहतर वितरण नेटवर्क और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के जरिए हजारों परिवारों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
हर गर्मी में सूख जाते हैं नल, बढ़ जाती है परेशानी:
हर गर्मी में सूखे नल, कम जलदाब और पानी के लिए रोज की मशक्कत समस्तीपुर शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल रही है। अमृत 2.0 मिशन के तहत स्वीकृत इस परियोजना से नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जल भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी और पूरे वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे शहरवासियों को नियमित जलापूर्ति मिलने की उम्मीद जगी है।
इन मोहल्लों में हर साल सबसे ज्यादा जल संकट:
काशीपुर, मगरदही, धर्मपुर, आजाद नगर, स्टेशन रोड, मोहनपुर, बहादुरपुर, नक्कू स्थान, बंगाली टोला, हरपुर एलॉथ, पंजाबी कॉलोनी समेत शहर के कई वार्डों में हर वर्ष गर्मियों के दौरान गंभीर जल संकट पैदा हो जाता है। कई इलाकों में पानी कम दबाव से आता है, जबकि कई जगहों पर कई दिनों तक नियमित आपूर्ति नहीं हो पाती। जिन परिवारों के पास निजी बोरिंग नहीं है, उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
‘शुद्ध पानी से घटेंगी बीमारियां’:
शहर के चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार साहू, डॉ. अंशु कुमार, डॉ. विवेक कुमार और डॉ. पुष्पा रानी का कहना है कि दूषित पानी के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों की चपेट में आते हैं। यदि नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा तो इन बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शहर के विकास की पहली शर्त मजबूत आधारभूत सुविधाएं होती हैं। समस्तीपुर तेजी से विस्तार कर रहा है और नई कॉलोनियां बस रही हैं, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था उसी अनुपात में मजबूत नहीं हो सकी है। यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अब आगे क्या होगा?:
प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब विस्तृत तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी होंगे, एजेंसी का चयन होगा और चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
228 करोड़ की योजना से लोगों को बड़ी उम्मीद:
सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश सिंह बादल, ललन यादव और अनस रिजवान का कहना है कि 228 करोड़ रुपये की यह योजना समस्तीपुर के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण कार्य समय पर, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा हो। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके घरों तक नियमित और स्वच्छ पेयजल पहुंचना शुरू होगा।(साभार)
