केंद्र सरकार ने खेलों को बनाया राष्ट्रीय प्राथमिकता

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(नई दिल्ली)06अगस्त,2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट करने के उपरांत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से हुई आत्मीय भेंट को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इस मुलाकात ने विकसित भारत के संकल्प को और मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊर्जा और दिशा देने वाला है।

जनसेवा और सुशासन पर प्रधानमंत्री का जोर:

तरुण चुघ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान जनसेवा, सुशासन, संसदीय गरिमा और युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से देश में राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

रोजगार और सामाजिक सुरक्षा में उपलब्धियां:

चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में करीब 17.1 करोड़ नए रोजगार सृजित हुए हैं, बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.1 प्रतिशत रह गई है और 101 करोड़ से अधिक नागरिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आए हैं।

युवाओं को सशक्त बना रही सरकार की योजनाएं:

उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, पीएम मुद्रा योजना, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई), पीएम विकास भारत रोजगार योजना और एक करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम जैसी पहलें देश के युवा सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। चुघ ने कहा कि सरकार का विकास मॉडल केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास पर आधारित है, जिसमें हर वर्ग को अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।

खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता मिली:

तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाकर देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स), अस्मिता लीग, नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण जैसी पहलों ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और विश्वस्तरीय मंच उपलब्ध कराने में मदद की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदक:

चुघ ने भारत की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में भी भारत के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत ने 2014 में 57 पदक जीते थे, जबकि 2022 में यह संख्या बढ़कर 107 हो गई।

ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयास:

उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेलों में भारत का प्रदर्शन भी लगातार बेहतर हुआ है। भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2029 में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से जुड़े प्रयास जारी हैं, जबकि 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत ने बोली लगाई है।

विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई गति:

चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के 140 करोड़ नागरिकों के विश्वास, आकांक्षाओं और सामर्थ्य का परिवर्तन है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में विकसित भारत का संकल्प जल्द साकार होगा और भारत आर्थिक, सामाजिक, खेल तथा वैश्विक नेतृत्व के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा(साभार एजेंसी)

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