गोरखपुर जू:चिड़ियाघर में और बड़ा होगा ‘रोजी पेलिकन’ का कुनबा

UP / Uttarakhand

(गोरखपुर UP)26दिसम्बर,2024.

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) रोजी पेलिकन का ठिकाना बन चुका है। चिड़ियाघर के सबसे बड़े पक्षियों में शामिल रोजी पेलिकन दर्शकों को भी काफी पसंद आते हैं। चिड़ियाघर की शुरूआत के समय लखनऊ से यहां पर चार रोजी पेलिकन आए थे। गोरक्षनगरी के वातावरण को इन्होंने अपना लिया है। अब चार और पक्षी लखनऊ से ही लाने की तैयारी है।

चिड़ियाघर में अफ्रीकी पक्षी ”रोजी पेलिकन” की संख्या बढ़ने वाली है। लखनऊ चिड़ियाघर से रोजी पेलिकन के दो जोड़े लाने की तैयारी है। इसके लिए चिड़ियाघर प्रबंधन ने लखनऊ चिड़ियाघर से पत्राचार किया है। नए साल में ये पक्षी यहां आ जाएंगे।

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) रोजी पेलिकन का ठिकाना बन चुका है। चिड़ियाघर के सबसे बड़े पक्षियों में शामिल रोजी पेलिकन दर्शकों को भी काफी पसंद आते हैं। चिड़ियाघर की शुरूआत के समय लखनऊ से यहां पर चार रोजी पेलिकन आए थे। गोरक्षनगरी के वातावरण को इन्होंने अपना लिया है। अब चार और पक्षी लखनऊ से ही लाने की तैयारी है।

चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि रोजी पेलिकन दर्शकों को काफी पसंद आते हैं। ये बहुत बड़े पक्षी हैं। ये अपने पंख सात से 11 फीट तक फैला सकते हैं। इनके लिए चिड़ियाघर में एक अलग तालाब है। इनका पसंदीदा भोजन मछली है। यह जब मछली को पकड़ते हैं तो एक बार में करीब पांच लीटर पानी अपने मुंह में रख सकते हैं।

बड़ा जलपक्षी है रोजी पेलिकन
रोजी पेलिकन एक बड़ा सफेद जलपक्षी है। इसकी मोटी चोंच और पीले-नारंगी गले की थैली होती है। आंख के चारों ओर गुलाबी नंगी त्वचा जो चोंच की ओर फैली हुई होती है। युवा पक्षियों के पंख वयस्कों की तुलना में भूरे रंग के होते हैं। ऊपरी पंख भूरे और सिर भूरे रंग का होता है। पैर गुलाबी होते हैं। अक्सर मछली पकड़ने के लिए एक साथ घेरने के लिए एक विस्तृत चाप में तैरते हैं।

चिड़ियाघर में दर्शकों का बहुत जल्द चार और रोजी पेलिकन देखने को मिलेंगे। लखनऊ चिड़ियाघर से दो जोड़ा लाने की तैयारी है। नए साल में यह गोरखपुर आ जाएंगे: विकास यादव, निदेशक,चिड़ियाघर (साभार एजेंसी)

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