(भोपाल,मध्यप्रदेश)03अगस्त,2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 का आयोजन सिंहस्थ स्पिरिचुअल सिटी में होगा। इस सिटी का विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 29 किमी से अधिक लंबे नवीन घाट निर्माण, शिप्रा शुद्धिकरण के लिए कान्ह क्लोज़ डक्ट परियोजना, शिप्रा को प्रवाहमान बनाने के लिए सिलारखेड़ी-सेवारखेड़ी परियोजना, सुगम यातायात और देश में सभी बड़े शहरों से कनेक्टिविटी के लिए 6 और 4 लेन निर्माण, नवीन सैटेलाइट रेलवे स्टेशन विकास आदि कार्यों से सिंहस्थ 2028 का आध्यात्मिक और दिव्य अनुभव श्रद्धालुओं को होगा। यह बात आज श्री अग्नि अखाड़ा के सभापति मुक्तानंद बापू महाराज ने एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत श्री अग्निअखाड़ा परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान कही।
इस दौरान श्री अग्नि अखाड़ा परिसर में नगर निगम सभापति कलावती यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही। जिन्होंने आम और आंवले के पौधे का रोपण किया। सभापति यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से बचाव के लिए पौधरोपण कार्यक्रम सतत् जारी रहेगा। कार्यक्रम में जनसंपर्क कार्यालय, उज्जैन संभाग के प्र.संयुक्त संचालक अरुण राठौर ने अमरूद के पौधे का रोपण किया।
कार्यक्रम में अन्य साधु संत और उपस्थित अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि संभागीय जनसंपर्क कार्यालय उज्जैन की ओर से एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधरोपण के लिए भी 100 पौधे रोपण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
क्या है स्पिरिचुअल सिटी:
महाकाल लोक के बाद अब उज्जैन में अलग स्पिरिचुअल सिटी विकसित की जाएगी। ये महाकाल मंदिर के 15 किमी के दायरे में करीब 150 एकड़ में बनेगी। इस नगरी में देश का सबसे बड़ा शिवलिंग भी बनेगा। इसके चारों तरफ 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाएंगे। ये शिवलिंग और मंदिर इतने बड़े दायरे में होंगे कि इनकी परिक्रमा 8 किमी की होगी। उज्जैन को सबसे बड़े यूनिटी मॉल देने के बाद राज्य सरकार ये सौगात 2028 के सिंहस्थ के पहले 2027 तक देने की तैयारी कर रही है। यहां सैलानियों के रुकने के लिए कॉटेज और आधुनिक बाजार के साथ सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्पिरिचुअल सिटी में पर्यटकों के लिए हर श्रेणी के होटल और कॉटेज की व्यवस्था रहेगी। पूरा क्षेत्र हरियाली से भरा होगा। इसमें बच्चों के लिए प्ले एरिया भी
