उ.प्र.में 9,000 से ज्यादा गाड़ियों के परमिट निलंबित

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)09अगस्त,2025.

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) (एसटीए) ने 8,322 चार-पहिया वाहनों और 737 प्राइवेट बसों के परमिट निलंबित करने का फैसला किया है। इन वाहनों पर गाड़ी और परमिट संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप है।

किसान पथ बस हादसे के बाद सख्ती:
यह फैसला परिवहन मुख्यालय में परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में लिया गया। हाल ही में 15 मई को बिहार से दिल्ली जा रही एक बस के किसान पथ पर हादसे के बाद, गैर-अनुपालक वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।

टैक्सियों और अन्य चारपहिया वाहनों पर कार्रवाई:
एसटीए के सचिव सगीर अहमद अंसारी ने बैठक में बताया कि 8,322 चार-पहिया गाड़ियों में से ज्यादातर टैक्सियों के परमिट या तो समय पर नवीनीकृत नहीं हुए हैं या वे वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। ऐसे वाहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माने गए, जिसके चलते इनके परमिट तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

737 प्राइवेट बसें अवैध रूट पर पकड़ी गईं:
विभिन्न क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) (आरटीओ) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 737 प्राइवेट बसें परमिट शर्तों का उल्लंघन कर रही थीं। भले ही इनके पास स्टेट कैरिज परमिट था, लेकिन ये बसें अनधिकृत रूट पर चल रही थीं और कई बिना अनुमति वाली जगहों से सवारियां बिठा रही थीं। अब इन बसों के परमिट भी रद्द किए जाएंगे।

स्कूल वाहनों पर भी सख्त निर्देश:
परिवहन आयुक्त ने साफ कहा कि स्कूल वाहनों को परमिट तभी मिलेगा, जब वे पूरी तरह सड़क पर चलने लायक हों। कोई भी स्कूल वाहन मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका परमिट रद्द कर दिया जाएगा। सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों (RTA) (आरटीए) को इन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

नए परमिट भी मंजूर:
मीटिंग में प्रवर्तन के साथ-साथ कुछ नए परमिट भी मंजूर किए गए। इसमें उत्तराखंड के नागीना-काशीपुर (धामपुर-अफजलगढ़ के रास्ते) रूट पर 14 स्थायी यात्री वाहन परमिट और राज्य परिवहन निगम की बसों के लिए परमिट शामिल हैं।

यात्री सुरक्षा सर्वोपरि:
बैठक में परमिट नवीनीकरण, ट्रांसफर, नए परमिट जारी करने और मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 86 के तहत कार्रवाई जैसे मामलों की भी समीक्षा हुई। ट्रैफिक, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। एसटीए का संदेश साफ है कि जो वाहन सड़क और सुरक्षा नियम तोड़ेंगे, उन्हें चलने नहीं दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है(साभार एजेंसी)

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