(भोपाल,मध्यप्रदेश)23सितम्बर,2025.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही मध्य प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह देश की पहली परियोजना है, जो 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट के रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल ऊर्जा उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता 5 हजार मेगावॉट तक पहुंच चुकी है, जिसे 2035 तक 33 हजार मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा गया है। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी और रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अगले अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन के आयोजन के लिए मध्य प्रदेश को आमंत्रित किया।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2070 तक नेट-जीरो और 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने रीवा सौर पार्क, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और सांची सोलर सिटी जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है और आने वाले समय में भारत व प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य का मार्गदर्शक होंगे।(साभार एजेंसी)
