रिकॉर्ड 51 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन देखी अयोध्या की रामलीला

UP / Uttarakhand

(अयोध्या,UP)27सितम्बर,2025

भगवान राम की नगरी अयोध्या में आयोजित भव्य रामलीला ने एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इस वर्ष की फिल्मी रामलीला को दुनिया भर के 51 करोड़ से अधिक भक्तों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर देखा, जो पिछले वर्ष के 47 करोड़ दर्शकों के आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। रामलीला आयोजन समिति के अनुसार, यह रामलीला न केवल भारत में बल्कि 40 से अधिक देशों में 26 भाषाओं में लाइव प्रसारित हुई, जिसने वैश्विक स्तर पर रामायण की कथा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

रिकॉर्ड 51 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन देखी अयोध्या की रामलीला।

रामलीला का आयोजन रामकथा पार्क में 120 फीट के विशाल मंच पर थ्रीडी तकनीक के साथ किया गया। इस संस्करण में बॉलीवुड के 42 से अधिक कलाकारों ने रामायण के प्रमुख पात्रों को जीवंत किया। आयोजन समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया, यह रामलीला धार्मिक उत्सव से कहीं अधिक है। यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। गत वर्ष 47 करोड़ दर्शकों के बाद इस बार 51 करोड़ का आंकड़ा हमारी मेहनत का फल है।

रिकॉर्ड टूटने के पीछे की कहानी:
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार रामलीला का प्रसारण दूरदर्शन, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभूतपूर्व रहा। समिति के महासचिव शुभम मलिक के मुताबिक, पहले तीन दिनों में ही 41 करोड़ दर्शक जुड़ गए थे, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए अंतिम आंकड़े पर पहुंचे। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, कनाडा, जर्मनी, चीन, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों से लाखों भक्तों ने लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इसमें भागीदारी की।

कोरोना काल (2020) में शुरू हुई इस फिल्मी रामलीला ने हर वर्ष अपनी भव्यता बढ़ाई है। इस बार चार राज्यों के 60 कारीगरों ने विशाल पुतलों को तैयार किया, जो तकनीक और कला का अनूठा संगम थे। नारद मोह, सीता स्वयंवर और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समिति का लक्ष्य 50 करोड़ दर्शकों को पार करना था, जो न केवल पूरा हुआ बल्कि उसे पार कर गया।

वैश्विक प्रभाव और सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या लगातार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। इस रामलीला ने पर्यटन को भी बढ़ावा दिया, क्योंकि हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। सुभाष मलिक ने कहा, रामलीला के माध्यम से हम रामायण की शिक्षाओं को डिजिटल युग में युवाओं तक पहुंचा रहे हैं। यह रिकॉर्ड केवल संख्याओं का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक है(साभार एजेंसी)

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