(लखनऊ,UP)12फरवरी,2026.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(एसआईआर) के 1.09 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। दस दिन में इन मतदाताओं को आपत्तियां दर्ज करानी होगी। उसी आधार पर सुनवाई होगी। नोटिस देने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में ‘नो मैपिंग’ के 1.04 करोड़ और ‘तार्किक विसंगतियों’ के 2.22 करोड़ सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं। अब तक करीब 1.09 करोड़ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस देने के साथ साथ सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
सीईओ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित सूचियां प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को उपलब्ध कराई जाएं। तहसील, पंचायत भवन, वार्ड कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सूची चस्पा कराएं। सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और जिलेवार वेबसाइटों पर भी उपलब्ध हैं। मतदाता यहां से सूची देखने के साथ साथ डाउनलोड भी कर सकते हैं।
बीएलओ दो घंटे अनिवार्य रूप से रहेंगे मौजूद
सीईओ ने बताया कि मतदाता सहायता केंद्रों पर बीएलओ को रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक रहना अनिवार्य है। यहां फार्म-6, 7, 8 और घोषणा-पत्र उपलब्ध रहेंगे। सूची प्रदर्शित होने की तारीख से 10 दिन के भीतर प्रभावित मतदाता अपने अभिलेख या आपत्ति व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के जरिये जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई लापरवाही बरतता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित मतदाताओं को करना होगा ये काम:
- सूची में नाम जांचें (वेबसाइट/सार्वजनिक स्थल पर)
- 10 दिन के भीतर आपत्ति/दस्तावेज जमा करें
- बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क करें
सुनवाई केंद्रों पर ये सुविधाएं:
- हेल्प डेस्क और प्रशिक्षित कार्मिक
- बैठने, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था
- बिजली व इंटरनेट सुविधा
- अवकाश के दिन भी सुनवाई
(साभार एजेंसी)
