मार्च में घना कोहरा,दिसंबर जैसा हाल

Uttar Pradesh

(लखनऊ,UP)10मार्च,2026.

मार्च में भी कोहरे से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि लोग हैरान रह गए। जहां एक ओर गर्मी लगातार बढ़ रही थी, वहीं सुबह घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने दिसंबर जैसी सर्दी का अहसास करा दिया। कई जिलों में दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मैनपुरी के किशनी और बेवर में मंगलवार सुबह अचानक घना कोहरा छा जाने से लोगों को अजीब मौसम का अनुभव हुआ। मार्च के महीने में जब गर्मी लगातार बढ़ रही थी, उस बीच सुबह-सुबह छाए कोहरे ने न सिर्फ मौसम को ठंडा कर दिया बल्कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी थाम दी। किशनी क्षेत्र में सुबह जब लोग नींद से जागे तो चारों ओर कोहरे की चादर फैली हुई थी। जैसे-जैसे सुबह आगे बढ़ी, कोहरा और घना होता गया। कुछ समय के लिए दृश्यता मात्र 10 से 12 मीटर रह गई, जिसके कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। हालांकि करीब नौ बजे के बाद कोहरा धीरे-धीरे छंटने लगा और साढ़े नौ बजे तक धूप निकल आने से जनजीवन सामान्य हो गया।

एटा के जैथरा कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक घने कोहरे की चादर छा गई, जिससे लोगों को गर्मी के मौसम में सर्दी का एहसास हुआ। सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिसके कारण वाहनों को लाइटें जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। इस अप्रत्याशित मौसमी घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों को अचंभित कर दिया। हाल ही में होली के बाद से क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ रहा था और लोग दोपहर की धूप से परेशान थे। कई लोगों ने गर्म कपड़े पहनने से भी परहेज कर लिया था और हाफ शर्ट में घूम रहे थे। ऐसे में, मंगलवार की सुबह घने कोहरे और ठंडी हवा का सामना करना उनके लिए एक बड़ा आश्चर्य था।

राहगीरों के कपड़ों पर बर्फ की हल्की परत जमी देखी गई, और कई लोगों के कपड़े भीगे हुए मिले, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को इस घने कोहरे का सामना करना पड़ा। सुबह सैर के लिए निकले लोगों को अचानक घने कोहरे और ओस की बूंदों से सामना हुआ, जिससे उनकी आंखें फटी रह गईं। दृश्यता शून्य होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे। घने कोहरे के कारण लोगों को सर्दी का अहसास हुआ और उनके हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। यह स्थिति लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक बनी रही, जिसके बाद सुबह लगभग साढ़े नौ बजे धूप निकलने पर जनजीवन सामान्य हो सका। स्थानीय लोग इस अचानक पड़े घने कोहरे को ‘कुदरत का करिश्मा’ बता रहे हैं।

मौसम के मिजाज ने मंगलवार को अचानक ऐसी करवट बदली कि लोग दंग रह गए। मार्च के महीने में दिसंबर जैसी कड़कड़ाती ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहा। कोहरे का असर इतना जबरदस्त था कि हाईवे पर चंद कदम की दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसके चलते वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा।

कोहरे का सबसे घातक असर कन्नौज में देखने को मिला, जहां घने कोहरे के कारण एक मोटरसाइकिल और स्कूली बस (मैजिक) में भीषण भिड़ंत हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहन से घायल को 100 शैया अस्पताल, छिबरामऊ में भर्ती कराया है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और हवा की दिशा बदलने से रात के तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हवा में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण ओस की बूंदों ने घने कोहरे का रूप ले लिया। उन्होंने इसे एक सामान्य मौसमी प्रक्रिया करार दिया है।(साभार एजेंसी)

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