पुलिस में 81 हजार से अधिक भर्तियां होंगी-सीएम योगी

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)3अप्रैल,2026.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार देर रात पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस वित्तीय वर्ष 2026-27 प्रदेश पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती अभियान के जरिये न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि प्रदेश को एक सक्षम, ऊर्जावान और आधुनिक पुलिस बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी भर्तियां पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित आरक्षण नियमावली के अनुसार कराई जाएं। ये भी ध्यान रहे कि पूरी प्रक्रिया तय समय में पूरी हो। सीएम ने भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि उपनिरीक्षक, आरक्षी नागरिक पुलिस, रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय) समेत विभिन्न श्रेणियों में ये भर्तियां प्रस्तावित हैं। कुछ भर्तियों की प्रक्रिया वर्तमान में शुरू भी हो चुकी है।

सूचना पर और कम समय पर पहुंचे पुलिस:
इमरजेंसी सेवा पीआरवी-112 का वर्तमान में औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 6 मिनट है। सीएम ने कहा कि इस समय को और कम किया जाए। जिसका मतलब है कि सूचना पर कम से कम समय में पुलिस मौके पर पहुंचे।

उन्होंने पीआरवी वाहनों की रणनीतिक लोकेशन तय करने, उनके लगातार मूवमेंट को सुनिश्चित करने और हॉटस्पॉट आधारित पेट्रोलिंग व्यवस्था के तहत प्रत्येक 15 दिन में रूट चार्ट के समीक्षा करने को कहा है। जिससे उसमें उचित बदलाव किया जा सके। जिससे ये व्यवस्था और बेहतर हो सके।

हर तहसील में फायर स्टेशन बनेंगे:
समीक्षा बैठक में बताया गया कि अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 42 हजार अग्निकांडों पर नियंत्रण पाया गया। 10 हजार से अधिक आपात घटनाओं में तत्काल कार्रवाई की गई। जिससे लगभग 800 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाई गई। सीएम ने ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को लागू करने के साथ प्रत्येक जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी तहसीलों में फायर स्टेशन बनाने को कहा है।

लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के होंगे ट्रांसफर:
सीएम ने कहा कि राजधानी लखनऊ में राजभवन, सीएम आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे अहम स्थानों पर तमाम पुलिसकर्मी लंबे समय से तैनात हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करें। उसके बाद उनके ट्रांसफर करें।

425 करोड़ की साइबर ठगी रोकी:
साइबर अपराधों की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में 425.7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी रोकी गई। वर्ष में 3,91,340 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2,40,015 इसी वर्ष दर्ज की गईं और 7,287 मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई है। जहां कॉल हैंडलिंग औसतन 1,709 प्रतिदिन से बढ़कर 7,467 प्रतिदिन हो गई है। कुल कॉल्स में लगभग 59 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया गया। 65,608 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया ।

ये आंकड़े भी रखे गए सीएम ने कार्रवाई तेज करने को कहा
सतर्कता अधिष्ठान की समीक्षा में एक अप्रैल 2026 तक 414 लंबित जांचों की जानकारी दी गई, जिनमें वर्ष 2025 तक की 340 जांचों का निस्तारण वर्ष 2026-27 में करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तय समय में सख्त से सख्त की जाए। इसमें तेजी लाएं।
कारागार प्रशासन की समीक्षा में न्यायालयों में पेशी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

नागरिक सुरक्षा विभाग में सभी जनपदों में इकाइयों का गठन करते हुए 7,500 स्वयंसेवकों की भर्ती की गई है। वहीं राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 2325 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। सीएम ने इसे जनभागीदारी आधारित सशक्त सुरक्षा तंत्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।(साभार एजेंसी)

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