(चंडीगढ़,हरियाणा)23मई,2026
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने डेढ़ साल के भीतर काम में लापरवाही बरतने वाले 47 आईएएस, चार आईपीएस समेत कुल 337 अधिकारियों को चेतावनी व एडवाइजरी जारी की है।
आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता आईएएस (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस अवसर पर नागरिकों की सुविधा के लिए एएएस व्हाट्सएप चैटबॉट व एएएस मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ भी किया गया।
वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। वहीं, छह आईएएस के खिलाफ कार्रवाई की गई हैं।इन अधिकारियों को सरकार की ओर से भी नोटिस जारी किया गया है।
वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक इन मामलों में अधिकारी जन्म व जाति प्रमाण पत्र, सड़क से कचरा हटाने और सीएलयू की अनुमति जैसे सामान्य नागरिक कार्यों को समय पर निपटाने में विफल रहे। इसके अलावा अगस्त 2024 से मार्च 2026 तक 48 आईएएस, चार आईपीएस और 24 एचसीएस अधिकारियों को कमिशन की ओर चेतावनी व एडवाइरी भी भेजी गई।
मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने बताया, वर्तमान में हरियाणा में 802 सेवाएं 56 विभागों के तहत राइट टू सर्विस ढांचे में शामिल हैं। इनमें जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, विवाह पंजीकरण, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, बिजली-पानी से जुड़ी सेवाएं, फैक्टरी लाइसेंस, दुकान पंजीकरण, भवन योजना स्वीकृति, औद्योगिक प्लॉट व उद्योगों से संबंधित विभिन्न सेवाएं शामिल हैं।
व्हाट्सएप चैटबॉट और मोबाइल एप्लीकेशन नागरिकों को तेज, सरल और बिना किसी परेशानी के सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे वे अपने मोबाइल फोन से ही आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपील प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
नागरिक इस चैटबॉट का उपयोग किसी भी समय व्हाट्सएप नंबर 6239466937 पर संदेश भेजकर कर सकते हैं। टीसी गुप्ता के अनुसार उनका कार्यकाल चार दिन बाद पूरा हो रहा है। इसके बाद नये मुख्य आयुक्त और आयुक्तों की तुरंत नियुक्तियां होनी चाहिए वरना इसका नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ सकता है।
ऑटो अपील सिस्टम बना गेम चेंजर:
मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों और उद्यमियों को अधिसूचित सेवाएं तय समय सीमा में पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। इस प्रणाली में लागू ऑटो अपील सिस्टम सबसे बड़ा सुधार है। यदि कोई सेवा निर्धारित समय में पूरी नहीं होती, तो अपील स्वतः दर्ज हो जाती है। इसके लिए नागरिक को किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। असंतुष्ट नागरिक सरल पोर्टल या अंत्योदय सरल हेल्पलाइन 0172-3968400 (सोमवार से शनिवार, सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक) के माध्यम से भी अपील कर सकते हैं।
2.06 करोड़ आवेदन, 98% अपील निपटान के साथ बना राष्ट्रीय मॉडल
वित्त वर्ष 2025-26 में सरल प्लेटफॉर्म पर 2.06 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1.95 करोड़ आवेदन (94.71 प्रतिशत) समय पर निपटाए गए। लगभग 9.63 लाख आवेदन विलंबित रहे, जबकि 1.25 लाख आवेदन प्रक्रिया में लंबित हैं। अब तक एएएस पर 28.5 लाख से अधिक अपीलें दर्ज हुई हैं, जिनमें 98 प्रतिशत से अधिक का निपटान किया जा चुका है। वर्तमान में 63 संगठनों की 750 से अधिक सेवाओं की निगरानी की जा रही है।
आयोग ने कई विभागीय सुधार भी सुझाए हैं, जिनमें रिहायशी प्रमाणपत्र प्रक्रिया, बिजली बिलों में पारदर्शिता, प्रॉपर्टी आईडी सुधार, डिग्री वितरण ट्रैकिंग और कल्याणकारी योजनाओं की स्पष्ट जानकारी शामिल है। यह व्यवस्था ग्रामीणों, बुजुर्गों और श्रमिकों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है। यह प्रणाली देरी को स्वतः पहचानकर मामले को अगले स्तर पर भेज देती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा की यह व्यवस्था अब राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बन रही है।(साभार एजेंसी)
