(आगरा,UP)23मई,2026.
जन शिकायतों (आईजीआरएस) के निस्तारण में विभाग खानापूर्ति कर रहे है।मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की समीक्षा में तमाम विभागों की लापरवाही सामने आई। उन्होंने कहा कि फरियादी से बिना संपर्क किए किसी भी शिकायत का निस्तारण किया गया, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त कार्यालय स्थित लघु सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक में आईजीआरएस प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग, उपनिदेशक उद्यान, उपश्रमायुक्त, सहायक शिक्षा निदेशक और संयुक्त निबंधक सहकारिता विभाग का जन फीडबैक सबसे ज्यादा खराब है। मंडलायुक्त ने इन प्रकरणों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लापरवाहों पर सीधी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में राजस्व वादों की स्थिति भी बेहद सुस्त पाई गई। पैमाइश (धारा 24) के मामलों में फिरोजाबाद और आगरा का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर से सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली टॉप-5 तहसीलों की समीक्षा करें और पुराने वादों का प्राथमिकता से निपटारा कराएं। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, आगरा डीएम मनीष बंसल, मथुरा डीएम सीपी सिंह, फिरोजाबाद डीएम संतोष कुमार शर्मा और मैनपुरी डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
कर वसूली में वाणिज्य कर और खनन में सभी जिले फेल:
कर-करेत्तर (टैक्स) कार्यों की समीक्षा में वाणिज्य कर और खनन के मामले में सभी जिले लक्ष्य से काफी पीछे हैं। स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन में केवल मैनपुरी ने बाजी मारी है। वहीं, विधिक माप में मथुरा को छोड़कर बाकी जिले लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। मंडलायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी जिलों को राजस्व वसूली के मासिक लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं(साभार एजेंसी)
