यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की स्वीडन यात्रा

National

(नई दिल्ली)28मई,2026

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की गुरुवार को स्वीडन की यात्रा पर पहुंचे। वहां उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ रक्षा सहयोग को लेकर अहम बातचीत की। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि दोनों देश एक बड़े रक्षा पैकेज की तैयारी कर रहे हैं। इस समझौते में यूक्रेन को ‘ग्रिपेन’ लड़ाकू विमान देने पर भी काम चल रहा है।

यूक्रेन पिछले चार साल से ज्यादा समय से रूस के हमले का सामना कर रहा है। इस लंबे युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक में काफी महारत हासिल की है। अब जेलेंस्की दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी इस विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर रहे हैं। जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन के विशेषज्ञों ने पश्चिम एशिया के देशों, खासकर खाड़ी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में मदद की है। उन्होंने वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा में भी सहयोग दिया है। इसके अलावा, यूक्रेन ने यूरोपीय संघ के देशों के साथ मिलकर ड्रोन बनाने के समझौते किए हैं। यूरोपीय देशों को डर है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सैन्य योजनाएं यूक्रेन से आगे भी बढ़ सकती हैं।

युद्ध के मैदान में यूक्रेन के ड्रोन 1,250 किलोमीटर लंबी सीमा पर लगातार नजर रख रहे हैं। ये ड्रोन रूस के सप्लाई रास्तों पर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे रूस की बड़ी सेना को पीछे हटना पड़ा है। वॉशिंगटन के एक संस्थान ‘इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की ताकत को सीमित कर दिया है। इन हमलों की वजह से रूस के लिए अपने सैनिकों तक रसद और जरूरी सामान पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

रूस ने अब तक यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इसमें क्रीमिया का इलाका भी शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में अपने कब्जे में लिया था। हालांकि, इस जमीन को कब्जाने के लिए रूस को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि इस युद्ध में अब तक करीब पांच लाख रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं।

इन सबके बावजूद, लंबी दूरी की मिसाइलों के मामले में रूस अभी भी यूक्रेन से आगे है। रूस इन मिसाइलों से यूक्रेन के बिजली घरों और शहरों को निशाना बना रहा है। पिछले हफ्ते रूस ने कीव पर करीब 90 मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे थे। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की संसद को पत्र लिखकर और ज्यादा हवाई सुरक्षा हथियारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट पीएसी-3 मिसाइलों की सख्त जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध की वजह से अमेरिका से मिलने वाली मदद में कमी आ रही है, जो खतरनाक हो सकता है। कीव पर और बड़े हमलों का खतरा है, लेकिन विदेशी दूतावासों ने अभी शहर नहीं छोड़ा है(साभार एजेंसी)

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