पंचायतों को हाई-टेक बनाने के लिए विचार-मंथन

National

(नई दिल्ली)28मई,2026

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 29 मई 2026 को असम के गुवाहाटी में सेवा से समृद्धि- पंचायत-नेतृत्वित सेवा प्रदाय विषय पर एक अहम क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर दी जाने वाली सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाना और पंचायतों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाना है। यह कार्यशाला असम सरकार के पंचायती एवं ग्रामीण विकास विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

7 राज्यों की भागीदारी:
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह गुवाहाटी में होने वाला कार्यक्रम देश भर में प्रस्तावित चार क्षेत्रीय सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला आयोजन है। इसमें मुख्य रूप से असम, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और तेलंगाना राज्यों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी और सरकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे। लगभग 200 प्रतिभागियों के इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल करेंगे और इसमें असम के मंत्री श्री अतुल बोरा भी उपस्थित रहेंगे।

सफल सरकारी योजनाओं का होगा प्रदर्शन:
सरकार के मुताबिक, इस मंच का उपयोग विभिन्न राज्यों द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए सफल प्रयासों को साझा करने के लिए किया जाएगा। कार्यशाला में राज्यों की विशिष्ट पहलों जैसे असम की घर-घर सेवा देने वाली ‘सेवा सेतु’ योजना, राजस्थान के ‘ई-मित्र’, मध्य प्रदेश के ‘लोक सेवा गारंटी पोर्टल’ और पंजाब की ‘ई-सेवा’ प्रणाली पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की ‘पंचायत सचिवालय प्रणाली’, तेलंगाना की ‘मी-सेवा’ और ओडिशा के ‘OdishaOne’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा ताकि अन्य राज्य भी इन्हें अपना सकें।

बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों को सम्मान:
इस कार्यशाला में उन ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में उत्कृष्ट कार्य किया है। सरकारी नोट के अनुसार, ओडिशा के केन्दुझर जिले की सुआकाती ग्राम पंचायत और तेलंगाना के यादाद्री भुवनेश्वरी जिले की शिवारेड्डीगुडेम ग्राम पंचायत को उनके आदर्श मॉडल के लिए विशेष पहचान दी जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि पंचायतों के नवाचारी प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में एक नई श्रेणी भी जोड़ी गई है।

डिजिटल शासन और ‘भाषिनी’ पर विशेष जोर:
कार्यशाला में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर गहरा मंथन होगा। सरकार के अनुसार, इसमें डिजिटल परिवर्तन, नागरिक केंद्रित नवाचार और ‘भाषिनी’ (BHASHINI) के माध्यम से कई भाषाओं में सरकारी सेवाओं को उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पंचायतों के स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटरों के एकीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जीवन की सुगमता’ (Ease of Living) बढ़ाने के लिए किए जा रहे बदलावों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।(साभार एजेंसी)

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